UPSC के परिणाम पर आकांक्षा बनाम आकांक्षा, रोल नंबर -0856794 के पीछे का क्या है राज, जान लीजिए

आकांक्षा के परिजनों ने बताया कि वे रविवार को दिल्ली जाएंगी और सोमवार को UPSC के दफ्तर भी जाएंगी. उन्हें भरोसा है कि अंतिम रूप से परिणाम उनके पक्ष में आएगा. 

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  • सिविल सेवा परीक्षा में 301वीं रैंक पर आरा की आकांक्षा सिंह और गाजीपुर की डॉ आकांक्षा दोनों ने दावा किया है.
  • आरा की आकांक्षा सिंह का कहना है कि उनका रोल नंबर 856794 है और परीक्षा उसी आधार पर दी गई है.
  • डॉक्टर आकांक्षा ने वीडियो जारी कर कहा कि 301वीं रैंक उनका है और उनके ई-समन लेटर में रोल नंबर सही है.
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UPSC सिविल सेवा परीक्षा परिणाम में 301वीं रैंक का विवाद अब बढ़ता जा रहा है. बिहार के आरा की रहने वाली आकांक्षा सिंह ने एक बार फिर दावा किया है कि यह परिणाम उनका ही है. लिस्ट में जो नाम और रोल नंबर दर्ज है, यह उनका है, गाजीपुर की डॉक्टर आकांक्षा का नहीं. इससे पहले गाजीपुर की रहने वाली डॉक्टर आकांक्षा ने वीडियो जारी कर कहा था कि 301वीं रैंक उनकी है. यानी दोनों ने ही इस पर दावा किया है. अब UPSC की तरफ से आधिकारिक जानकारी के बाद ही यह साफ होगा कि कौन सही बोल रहा है और कौन गलत? 

ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती का दावा- मेरे दस्तावेज सही 

मीडिया से बात करते हुए आरा की आकांक्षा सिंह ने कहा कि 856794 मेरा ही रोल नंबर है. मैंने इसी रोल नंबर के आधार पर परीक्षा दी है. अब इसके QR कोड में दूसरा रोल नंबर क्यों शो कर रहा है, इसकी जानकारी तो UPSC ही दे सकता है. मेरे पास इसकी जानकारी नहीं है. मैने परीक्षा दी है, सभी फुटेज UPSC के पास है, वह जांच करा लें. मैंने अपने ई-समन लेटर के लिए UPSC को मेल भी किया है. लोग मेरे नाम को जानने लगे. इसलिए दूसरी आकांक्षा ने मेरे रिजल्ट को अपना रिजल्ट बता दिया है.

आकांक्षा के परिजनों ने बताया कि वे रविवार को दिल्ली जाएंगी और सोमवार को UPSC के दफ्तर भी जाएंगी. उन्हें भरोसा है कि अंतिम रूप से परिणाम उनके पक्ष में आएगा. 

डॉ आकांक्षा ने ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती के दावों को झुठलाया

विवाद के बीच गाजीपुर की रहने वाली डॉक्टर आकांक्षा ने एक वीडियो जारी कर ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती के दावों को झुठलाया है. उन्होंने कहा कि 301वीं रैंक उन्होंने हासिल की है. उनके ई - समन लेटर में दिख रहे QR और आरा की आकांक्षा के ई - समन लेटर में दिख रहे QR कोड को स्कैन करने से सच्चाई सामने आ जाती है. 

दरअसल, आरा की रहने वाली आकांक्षा सिंह जो एडमिट कार्ड दिखा रही हैं उस पर रोल नंबर वाले कॉलम में 856794 लिखा दिख रहा है लेकिन उसके QR कोड को स्कैन करने पर दूसरा रोल नंबर 856569 दिखता है. जबकि डॉ आकांक्षा के लेटर पर दर्ज रोल नंबर और QR स्कैन करने से आने वाला रोल नंबर एक ही है. इसलिए यह सवाल उठ रहा है कि ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती आकांक्षा ने फर्जी तरीके से एडमिट कार्ड तैयार किया है. दोनों के अपने - अपने दावे हैं. अब तस्वीर तभी साफ होगी जब UPSC अपनी तरफ से जानकारी देगा.

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