'दारोगा, एसपी, जज सब पीते हैं... लेकिन जेल में सिर्फ गरीब', बिहार में शराबबंदी को लेकर मांझी ने फिर उठाए सवाल

बिहार में जमीन सर्वे के सवाल पर जीतन राम मांझी ने कहा कि राज्य के 70% जमीन पर राजद के लोगों का कब्जा है. सर्वे ईमानदारी से होनी चाहिए ताकि लोगों को न्याय मिल सके. यदि सर्वे में कोई गड़बड़ होता है तो वह आगे इसका विरोध करेंगे. NDTV के लिए जमुई से गौतम कुमार की रिपोर्ट.

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जमुई:

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने बिहार में शराबबंदी कानून पर एक बार फिर से सवाल उठाया है. जमुई जिले में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि बिहार के थानों में दारोगा, एसपी, जज, कलेक्टर शराब पी रहे लेकिन उसे कोई गिरफ्तार नहीं कर रहा है. मेहनत मजदूरी करने वाले मजदूर को पाव भर शराब पीने पर गिरफ्तार कर उसे जेल भेजा जा रहा है. साथ ही कहा कि बड़े शराब तस्कर की गिरफ्तारी नहीं की जा रही छोटे पीने वाले को ही गिरफ्तार किया जा रहा है.

70% जमीन पर राजद के लोगों का कब्जा
बिहार में जमीन सर्वे के सवाल पर उन्होंने कहा कि राज्य के 70% जमीन पर राजद के लोगों का कब्जा है. सर्वे ईमानदारी से होनी चाहिए ताकि लोगों को न्याय मिल सके. यदि सर्वे में कोई गड़बड़ होता है तो वह आगे इसका विरोध करेंगे. साथ ही राज्य में कानून व्यवस्था के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह लालू यादव की सरकार के गवाह हैं. 2005 में लालू जी की सरकार थी और पटना के एक जाने-माने चिकित्सक का अपहरण कर उसे एक अर्णे मार्ग में रखा गया था.

18 SC जातियों का साक्षरता दर 5 प्रतिशत: जीतन राम मांझी
पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहां की बिहार में 22 शेड्यूल कास्ट जातियां हैं. जिसमें 18 की साक्षरता दर मात्र पांच प्रतिशत है. वही नौकरियों में 0.2 6 ना के बराबर है इस कास्ट के लोग आज तक डीएम एसपी सहित अन्य पदाधिकारी आज तक नहीं बन पाए इसे बढ़ाने की जरूरत है. 

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