बिहार की पूर्णिया सीट से निर्दलीय सांसद और जाने-माने राजनेता पप्पू यादव ने पिछले दिनों बंगाल चुनाव के नतीजों से पहले दिए गए अपने चर्चित बयान को लेकर सफाई दी है. पप्पू यादव ने मतगणना से पहले कहा था कि अगर पश्चिम बंगाल में बीजेपी जीत जाती है तो 'हम सेवा, मदद और इंसाफ के लिए संघर्ष छोड़ देंगे.' 4 मई को बंगाल में बीजेपी की जीत के बाद यह सवाल पूछे जाने लगे कि अब पप्पू यादव क्या करेंगे. इसी सिलसिले में पप्पू यादव से मध्य प्रदेश के उज्जैन में पत्रकारों ने सवाल पूछा जिसपर उन्होंने खुलकर अपनी स्थित बताई.
बंगाल के चुनाव परिणाम आने के अगले दिन पप्पू यादव उज्जैन गए जहां उन्होंने बाबा महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर और बगलामुखी माता के मंदिर में पूजा की. पप्पू यादव ने वहां बंगाल चुनाव के परिणाम को बहुत ही निराशाजनक बताया और आरोप लगाया कि बंगाल में चुनाव आयोग ही चुनाव लड़ रहा था और वहां सभी तरह के साम-दाम-दंड-भेद का प्रयोग हुआ.
वादे का दिया जवाब
उनके 30 अप्रैल के पुराने वादे की याद दिलाए जाने पर पप्पू यादव ने कहा,"मैंने कहा था कि ममता जी अगर चुनाव हारती हैं तो मेरे जैसे लोगों को सोचना पड़ेगा, और मैं यह बात आज भी कह रहा हूं क्योंकि मैं बिना जाति-धर्म-पूरब-पश्चिम देखे सेवा और न्याय के लिए संघर्ष करता रहा. लेकिन आज मुझे सोचना पड़ रहा है कि क्या दोगलेपन और धूर्तता के बिना राजनीति संभव नहीं है. इसलिए मैंने कहा कि मैं अपने क्षेत्र की चुनाव जिताने वाली जनता को तो किडनी-हार्ट सब दे दूंगा, लेकिन ये जो मैं पूरे देश में घूमता रहता हूं उसके बारे में मुझे सोचना पड़ेगा.
पप्पू यादव ने कहा,"इसलिए ही मैं आज यहां आया हूं कि पप्पू यादव को क्या करना चाहिए यह बगलामुखी मां और महाकालेश्वर करेंगे."
बाबा महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में भस्म आरती में पप्पू यादव - देखें Video
विपक्ष से आह्वान
पप्पू यादव ने कहा कि अब बंगाल चुनाव के बाद सभी विपक्षी दलों को एक होना चाहिए. उन्होंने कहा, "सभी छोटी पार्टियां कांग्रेस से ही लड़ रही हैं. सब पीएम बनने की रेस में हैं. हमें पीएम नहीं चाहिए. कांग्रेस को भी छोटी पार्टियों को गले लगाना चाहिए. सारे विपक्ष को एक होना पड़ेगा."
उन्होंने कहा, "राजनीति बंद करके अब अर्थ नीति और देशनीति शुरू कीजिए, मानवता नीति कीजिए. राजनीति भाड़ में जाए, पीएम की कुर्सी भाड़ में जाए. पहले इस राष्ट्र को बचाइए."
ये भी पढ़ें-: बंगाल की जीत के बाद मोदी कैबिनेट का पहला फैसला- वंदे मातरम को राष्ट्रगान के समान दर्जा, अपमान करने पर होगी जेल














