- बिहार सरकार ने 11 शहरों में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप बनाने का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट मंजूर किया है.
- तिरहुत टाउनशिप मुजफ्फरपुर के चार प्रखंडों के 68 राजस्व गांवों की जमीन पर विकसित किया जाएगा.
- इन गांवों में 24 अप्रैल 2026 से 30 जून 2027 तक जमीन की खरीद-बिक्री और नए निर्माण पर रोक लगाई गई है.
Tirhut Satellite Township: बिहार सरकार के अतिमहत्वंकाक्षी प्रोजेक्ट 11 शहरों में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप में एक तिरहुत टाउनशिप भी है. तिरहुत टाउशिप उत्तर बिहार की राजधानी कहे जाने वाले मुजफ्फरपुर जिले में विकसित होगा. तिरहुत ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप के लिए मुजफ्फरपुर जिले के 4 प्रखंडों मुशहरी, कांटी, मड़वन और कुढ़नी के 68 राजस्व ग्रामों (मौजा) की जमीन ली जाएगी. इस टाउनशिप प्रस्ताव के तहत बिहार के 11 प्रमुख शहरों में दिल्ली, नोएडा, मुंबई, चंडीगढ़ की तर्ज पर प्लांड कॉलोनियां बसाई जाएगी. इसमें रिहायशी के साथ-साथ कॉमर्शियल स्थान पहले से तय होंगे. हरियाली के लिए बीच-बीच में पार्क भी होंगे. सड़कें चौड़ी होंगी, सड़कों के किनारे पेड़ लगाए जाएंगे, डिवाइडर, चौराहे जैसी व्यवस्था भी होंगी.
इन 4 प्रखंडों के 68 राजस्व गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण और किसी भी प्रकार के नए भवन निर्माण पर रोक लगा दी गई है. इन गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री की यह पाबंदी 24 अप्रैल 2026 से 30 जून 2027 तक लागू रहेगी. यह मास्टर प्लान 2031 तक के लिए अधिसूचित है.
टाउनशिप योजना के तहत जमीन मालिकों (रैयतों) को उनकी जमीन के बदले विकसित क्षेत्र में हिस्सेदारी दी जाएगी. सरकार की ओर से लगभग 55 प्रतिशत हिस्सेदारी देने का प्रावधान है, जिससे भविष्य में रैयतों को नियमित आय का स्रोत मिल सकेगा.
तिरहुत ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप 800 एकड़ में कोर एरिया और करीब 20,200 एकड़ में स्पेशल एरिया विकसित किया जाएगा.
सैटेलाइट टाउनशिप के फायदे
- सुविधाएं: यहां रहने वाले लोगों को बेहतर गुणवत्ता वाली शहरी सुविधाएं मिलेंगी. प्राइवेट और संस्थागत निवेश के लिए नए द्वार खुलेंगे.
- सुनियोजित विकास : टाउनशिप के विकास से नए आर्थिक गतिविधि केंद्रों का निर्माण होगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था में बदलाव आएगा.
- शहरी दबाव में कमी: इन सेटेलाइट शहरों के बसने से मौजूदा बड़े शहरों पर आबादी और संसाधनों का बोझ कम होगा.
तिरहुत ग्रीनफील्ड टाउनशिप के लिए इन 68 गांवों का चयन, जहां जमीन खरीद-ब्रिकी पर लगी रोक
22 अप्रैल को हुई कैबिनेट बैठक में मिली थी मंजूरी
नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बनी नई सरकार की पहली बैठक में 11 शहरों में ग्रीनफील्ड टाउनशिप बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी. 22 अप्रैल को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक के बाद नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने बताया कि चयनित टाउनशिप क्षेत्रों में भूमि के क्रय-विक्रय, हस्तांतरण तथा किसी भी प्रकार के नए निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है. यह पाबंदी तब तक प्रभावी रहेगी, जब तक इन क्षेत्रों का मास्टर प्लान अधिसूचित नहीं हो जाता.
प्रधान सचिव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य इन क्षेत्रों में अनियोजित निर्माण को रोकना है, ताकि भविष्य में इन्हें विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त नए आर्थिक केंद्रों के रूप में विकसित किया जा सके.
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