बिहार चुनाव में NOTA का बटन दबाने वालों की संख्या 2020 के मुकाबले बढ़ी, 2015 की तुलना में घटी

बिहार में 7.45 करोड़ से अधिक मतदाता हैं. साल 2020 में, लगभग 7,06,252 लोगों ने विधानसभा चुनाव में नोटा दबाया था, जो कुल डाले गए मतों का 1.68 प्रतिशत था.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
नई दिल्ली:

बिहार विधानसभा चुनाव में "इनमें में से कोई नहीं" (नोटा) का बटन दबाने वालों की संख्या इस बार पिछली बार की तुलना में मामूली रूप से बढ़ी है, लेकिन फिर भी 2015 से काफी कम है.निर्वाचन आयोग के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है.छह और 11 नवंबर को दो चरण में हुए चुनाव के बाद शुक्रवार को मतगणना हुई. राजग बिहार चुनावों में भारी बहुमत की ओर बढ़ रहा है और कुल 243 सीट में से करीब 200 पर आगे है. भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर रही है.

RJD, कांग्रेस और तीन वाम दलों का महागठबंधन 35 सीट का आंकड़ा पार करने के लिए संघर्ष कर रहा है. ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, मतदान के दौरान कुल मतदाताओं में से 1.81 प्रतिशत यानी 6,65,870 ने नोटा का बटन दबाया.

बिहार में 7.45 करोड़ से अधिक मतदाता हैं. साल 2020 में, लगभग 7,06,252 लोगों ने विधानसभा चुनाव में नोटा दबाया था, जो कुल डाले गए मतों का 1.68 प्रतिशत था. साल 2015 में नोटा दबाने वालों की संख्या 9.4 लाख थी, जो मतदान करने वाले कुल 3.8 करोड़ मतदाताओं का 2.48 प्रतिशत थी. 

Featured Video Of The Day
असद के एनकाउंटर के बाद अब योगी सरकार से क्या गुहार लगा रही सूर्या की मां?
Topics mentioned in this article