तेजस्वी विदेश में, तेजप्रताप मां के पास... राबड़ी आवास से आई तस्वीरों में छिपे हैं सियासी मायने

राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी में तेज प्रताप का इस तरह सामने आना आरजेडी के भीतर शक्ति-संतुलन को लेकर नई चर्चा को जन्म दे रहा है.

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  • तेज प्रताप ने राबड़ी आवास पर मां राबड़ी देवी का जन्मदिन मनाकर आरजेडी की आंतरिक राजनीति में हलचल पैदा की है.
  • तेज प्रताप की उपस्थिति उनके समर्थकों के बीच परिवार और पार्टी से जुड़े रहने का संदेश देती है.
  • राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि तेज प्रताप की सक्रियता आरजेडी के भीतर शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकती है.
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RJD की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. ऐसे समय में जब पार्टी के नेता तेजस्वी यादव विदेश दौरे पर हैं और पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव दिल्ली में इलाज के साथ-साथ राजनीतिक मुलाकातों में व्यस्त बताए जा रहे हैं, उसी दौरान तेज प्रताप यादव का राबड़ी आवास पहुंचना और अपनी मां, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का जन्मदिन मनाना महज एक पारिवारिक कार्यक्रम भर नहीं माना जा रहा. सियासी गलियारों में इसे आरजेडी की आंतरिक राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है.

राबड़ी आवास सिर्फ एक घर नहीं, बल्कि आरजेडी की राजनीति का बड़ा प्रतीक रहा है. इसी आवास से कभी सत्ता और संगठन के कई बड़े फैसले लिए जाते थे. ऐसे में तेज प्रताप यादव की वहां मौजूदगी, समर्थकों की भागीदारी और सोशल मीडिया पर साझा किए गए भावनात्मक संदेश कई सवाल खड़े कर रहे हैं. खासकर तब, जब हाल के महीनों में लालू परिवार के भीतर मतभेद और दूरी की खबरें लगातार सामने आती रही हैं.

तेज प्रताप की सक्रियता के मायने

लालू परिवार में कथित बिखराव के बाद यह पहला मौका माना जा रहा है जब तेज प्रताप यादव सार्वजनिक रूप से मां राबड़ी देवी के साथ नजर आए. समर्थकों का मानना है कि तेज प्रताप ने यह दिखाने की कोशिश की है कि वह अभी भी परिवार और पार्टी दोनों से जुड़े हुए हैं. जन्मदिन जैसे भावनात्मक मौके पर उनकी मौजूदगी ने उनके समर्थकों को यह संदेश दिया कि तेज प्रताप को पूरी तरह हाशिये पर नहीं रखा जा सकता.

राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी में तेज प्रताप का इस तरह सामने आना आरजेडी के भीतर शक्ति-संतुलन को लेकर नई चर्चा को जन्म दे रहा है. सवाल उठ रहा है कि क्या यह सिर्फ मां के प्रति भावनात्मक लगाव है या फिर भविष्य की राजनीति के लिए खुद को फिर से प्रासंगिक साबित करने की रणनीति?

बीजेपी का तंज

तेज प्रताप यादव के राबड़ी आवास पहुंचने पर बीजेपी ने भी प्रतिक्रिया दी है. बीजेपी नेताओं ने इसे राजनीतिक मुद्दा मानने से इनकार करते हुए कहा कि यह परिवार का आपसी मामला है. हालांकि, बयान के साथ तंज भी जुड़ा रहा. बीजेपी का कहना है कि वे भी चाहते हैं कि लालू परिवार एकजुट रहे, लेकिन आपसी महत्वाकांक्षाओं के कारण यह लोग आपस में ही लड़ रहे हैं. बीजेपी नेताओं ने यहां तक कहा कि लालू जी की विरासत को नष्ट करने का काम उनके अपने ही लोग कर रहे हैं और बीजेपी ऐसे मामलों को राजनीति में बहुत गंभीरता से नहीं लेती.

कांग्रेस ने बताया निजी मामला

वहीं, आरजेडी की सहयोगी कांग्रेस ने भी इस पूरे घटनाक्रम को निजी और पारिवारिक मामला बताया है. कांग्रेस प्रवक्ता नदीम ने साफ कहा कि तेज प्रताप यादव का राबड़ी आवास जाना और मां का जन्मदिन मनाना पूरी तरह व्यक्तिगत विषय है और इसमें राजनीति ढूंढने की जरूरत नहीं है. कांग्रेस का रुख साफ तौर पर यह संकेत देता है कि वह आरजेडी के अंदरूनी मामलों में फिलहाल कोई टिप्पणी कर विवाद बढ़ाना नहीं चाहती.

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तेज प्रताप के समर्थकों की दलील

तेज प्रताप यादव के समर्थकों का कहना है कि उनके साथ लंबे समय से परिवार और पार्टी में पक्षपात हुआ है. बावजूद इसके, तेज प्रताप ने मां का जन्मदिन मनाकर यह दिखाया कि वह पारिवारिक मूल्यों को राजनीति से ऊपर रखते हैं. समर्थकों के बीच यह चर्चा भी तेज है कि क्या आने वाले समय में तेज प्रताप लालू प्रसाद यादव के “असली राजनीतिक वारिस” के तौर पर खुद को स्थापित करने की कोशिश करेंगे.

आगे क्या संकेत मिलते हैं?

राबड़ी आवास पर हुआ यह आयोजन संदेशों से भरा हुआ माना जा रहा है. जब लालू यादव दिल्ली में हैं और तेजस्वी यादव विदेश में, उस वक्त तेज प्रताप का सक्रिय होना आरजेडी की आंतरिक राजनीति में नई चालों की ओर इशारा कर सकता है. फिलहाल, पार्टी के अंदर और बाहर इसे लेकर अलग-अलग राय है—कोई इसे भावनात्मक पारिवारिक मिलन मान रहा है, तो कोई इसे सियासी बढ़त की शुरुआती तैयारी.

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आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि तेज प्रताप यादव की यह पहल सिर्फ एक पारिवारिक अवसर तक सीमित थी या फिर इसके पीछे आरजेडी की राजनीति में अपनी भूमिका को दोबारा मजबूत करने की ठोस रणनीति छिपी है. फिलहाल इतना तय है कि राबड़ी आवास से उठी यह हलचल आरजेडी की सियासत में नई चर्चाओं को जरूर जन्म दे चुकी है.

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