लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अपनी पार्टी जन शक्ति जनता दल की तरफ से आज दही चूड़ा भोज का आयोजन अपने आवास पर किया. इस भोज में पिता लालू यादव के साथ बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी शामिल हुए. इस कार्यक्रम में एनडीए नेताओं ने शामिल होकर तेज प्रताप की ताकत बढ़ा दी है.वहीं, बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा और बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने इस भोज में शामिल हो सियासी कयास को हवा दे दी है.
'यह राजनीतिक भोज नहीं है'
इन दोनों नेताओं के साथ तेज प्रताप यादव की नजदीकी और केमिस्ट्री देख बिल्कुल नहीं लग रहा था कि ये लोग एक वक्त के राजनीतिक विरोधी हैं. इन सभी के बीच तेज प्रताप यादव के एनडीए में जाने की कयास ने हवा पकड़ ली है. मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि, "यह राजनीतिक भोज नहीं है , यह पर्व है, जिसे हमलोग साथ मना रहे हैं." वहीं, उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि, "हमलोग राजनीति में और बिहार के निर्माण में सभी को साथ लेकर चलते हैं."
'जनशक्ति जनता दल का राजनीतिक भविष्य अच्छा'
एक समय में लालू के सबसे करीबी उनके दोनों साले साधु और सुभाष यादव आज अपने भांजे तेज प्रताप यादव के यहां दही चूड़ा भोज में हुए शामिल हुए. उन्होंने कहा कि, "परिवार एक है, परिवार हमेशा एक रहता है. हमारे बीच कोई राजनीतिक भेदभाव नहीं है. तेज प्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल का राजनीतिक भविष्य बहुत अच्छा है."
मालूम हो आरजेडी से निष्कासित होने के बाद तेज प्रताप यादव ने अपनी पार्टी जन शक्ति जनता दल बनाया, फिर बिहार चुनाव भी उसी पार्टी से लड़ा. उनके चुनाव लड़ने से आरजेडी को भाड़ी नुकसान हुआ और आरजेडी 25 सीट पर सिमट गई.
'तेजस्वी आरजेडी का विलय जन शक्ति जनता दल में कर दें.'
आज जब लालू यादव उनके दही चूड़ा भोज में शामिल हुए, तब तेज प्रताप का भरोसा और मजबूत हो गया. इस पर तेज प्रताप ने कहा कि जन शक्ति जनता दल लालू यादव की असली पार्टी है इसलिए वह शामिल हुए हैं. भाई तेजस्वी के भोज में शामिल ने होने को लेकर उन्होंने कहा कि, "अब मैं उन्हें हाथ पकड़ कर तो यहां नहीं ला सकता. तेजस्वी आरजेडी का विलय जन शक्ति जनता दल में कर दें."
इन सभी राजनीतिक हलचल के बीच तो यही लग रहा है कि तेज प्रताप यादव अब एनडीए के सहारे अपने भविष्य की राजनीति को साधना चाहते हैं. लेकिन इसके लिए थोड़ा इंतजार करना होगा क्योंकि एनडीए नेताओं और तेज प्रताप यादव की तरफ से यही बोला गया कि सही समय का इंतजार करिए, सब पता चल जाएगा.














