- भाई-बहन अमित आनंद और अर्पिता सिंह ने सरकारी सेवा में अधिकारी बनकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है
- अमित बैंकिंग क्षेत्र में पीओ चुने गए हैं जबकि अर्पिता ने बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा में बीपीआरओ बनी हैं.
- पिता का कैंसर से असमय निधन हो गया था. बाद दादा-दादी ने आर्थिक और मानसिक सहयोग देकर इनकी तैयारी में मदद की
Success Story: कहा जाता है कि अगर हौसले बुलंद हों और अपनों का साथ हो, तो बड़ी से बड़ी मुश्किल भी राह का रोड़ा नहीं बन सकती. बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर के एक भाई-बहन की जोड़ी ने इस बात को सच कर दिखाया है. दोनों ने एक साथ सरकारी सेवा में अफसर बनकर कमाल कर दिया है. इनकी यह अनूठी कामयाबी उन तमाम युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है, जो किसी हादसे या अपनों को खोने के बाद हताश होकर टूट जाते हैं. इस भाई-बहन की जोड़ी ने पिता के असमय निधन के बाद अपनी कड़ी मेहनत और दादा की पेंशन के आर्थिक सहारे के दम पर यह मुकाम हासिल किया है.
एक ही हफ्ते में घर आईं दोहरी खुशियां
NDTV से बातचीत के दौरान भाई अमित आनंद ने अपनी इस गौरवपूर्ण यात्रा को साझा किया. उन्होंने बताया कि उनका चयन बैंकिंग क्षेत्र में प्रोबेशनरी ऑफिसर (बैंक पीओ) के पद पर हुआ है, जबकि उनकी बहन अर्पिता सिंह ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं प्रतियोगी परीक्षा में सफलता का परचम लहराते हुए प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (BPRO) का पद हासिल किया है. संभवतः पूरे हाजीपुर (वैशाली) क्षेत्र में यह पहला ऐसा मौका है, जब एक ही घर के भाई-बहन ने एक साथ सरकारी अधिकारी बनने का गौरव प्राप्त किया हो.
यह भी पढ़ें- Success Story: साइबर कैफे चलाने वाले मोइन मंसूरी बने IAS, 3 लाख का लोन लेकर की UPSC की तैयारी
success story bihar BPSC brother bank po sister bpsc officer
भाई आईबीपीएस में, बहन बीपीएससी में सक्सेस
अमित ने बताया कि 12 जून 2026 को जब आईबीपीएस (IBPS) रिजर्व लिस्ट का परिणाम आया और उसमें उनका चयन बैंक पीओ के रूप में हुआ, तो पूरे परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. अभी इस खुशी को एक हफ्ता ही बीता था कि 20 जून 2026 को बीपीएससी 70वीं परीक्षा के नतीजे घोषित हो गए. इसमें बहन अर्पिता ने भी बाजी मार ली, जिससे परिवार की खुशियां दोगुनी हो गईं. अमित आनंद फिलहाल पुणे में बैंक पीओ की ट्रेनिंग ले रहे हैं.
यह भी पढ़ें- Success Story: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के बेटे ने रचा इतिहास, भारतीय सेना में भर्ती होकर लौटा तो पूरा गांव जमकर नाचा
success story bihar BPSC brother bank po sister bpsc officer
कैंसर ने छीना पिता का साया, दादा-दादी बने ढाल
इस परिवार के लिए सफलता की यह राह आसान नहीं थी. साल 2017 तक सब कुछ बिल्कुल ठीक चल रहा था. लेकिन साल 2018 में इस हंसते-खेलते परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब कैंसर के कारण इनके पिता मनोज कुमार सिंह का असमय निधन हो गया. उस समय अमित और अर्पिता अपनी पढ़ाई पूरी करने में जुटे थे. एलआईसी एजेंट पिता के जाने के बाद परिवार में आर्थिक संकट गहरा गया. मां प्रेमलता देवी हाउसवाइफ हैं, जिनके कंधों पर बच्चों के भविष्य की चिंता थी.
दादा-दादी सरकारी से रिटायर
ऐसी मुश्किल घड़ी में बच्चों के दादा मिथलेश सिंह और दादी उर्मिला देवी आगे आए. दादा मिथलेश सिंह सेना और सीआईएसएफ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और साल 2014 में सेवानिवृत्त हुए थे, वहीं दादी उर्मिला देवी एएनएम के पद से साल 2017 में रिटायर हुई थीं. इन दोनों बुजुर्गों ने न सिर्फ बच्चों को आर्थिक सहारा दिया, बल्कि उनकी काबिलियत पर पूरा भरोसा जताते हुए उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली भेजा. दिल्ली में रहकर दोनों भाई-बहन ने जी-तोड़ मेहनत की.
यह भी पढ़ें- Succsess Story: ताड़ी बेचने वाले का बेटा बना SDM, गरीबी भी नहीं तोड़ पाई हौसला, 5वें प्रयास में चमके सूरज कुमार
success story bihar BPSC brother bank po sister bpsc officer
भाई-बहन को तीसरे प्रयास में मिली सफलता
सफलता के इस शिखर पर पहुंचने से पहले दोनों भाई-बहन को कई बार असफलताओं का स्वाद भी चखना पड़ा. अमित आनंद शुरुआती दौर में दो बार बैंक क्लर्क की परीक्षा में असफल रहे, वहीं बहन अर्पिता को भी अपने पहले दो प्रयासों में सफलता हाथ नहीं लगी. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी कमियों को सुधारते हुए आगे बढ़ते रहे. आखिरकार, दोनों ने अपने तीसरे प्रयास में अफसर बनने का सपना पूरा कर दिखाया. पोते-पोती की इस संयुक्त सफलता को देखकर दादा-दादी की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए.
SDM बनने का है बहन अर्पिता का लक्ष्य
भले ही अर्पिता ने बीपीएससी के जरिए ब्लॉक पंचायती राज पदाधिकारी का पद हासिल कर लिया हो, लेकिन उनकी उड़ान अभी थमी नहीं है. अर्पिता का मुख्य लक्ष्य एसडीएम (SDM) बनने का है. अपने इसी सपने को साकार करने के लिए वह आगामी 26 जुलाई को आयोजित होने वाली 72वीं बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा की तैयारियों में पूरी शिद्दत से जुटी हुई हैं.
यह भी पढ़ें- IAS Ravi Sihag: अब पत्नी आईएएस इशिता राठी को भी एक साथ पोस्टिंग, शादी 6 माह के बाद 3271 KM की दूरी खत्म