- RJD एमएलसी सुनील सिंह ने विधानसभा में शराब डिलीवरी कराने का दावा किया था, लेकिन वह पूरा नहीं हो पाया
- सुनील सिंह ने कहा कि शराब मंगाना आसान है पर सिपाहियों पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है
- जीतन राम मांझी ने भी माना कि बिहार में शराब का अवैध व्यापार व्यापक रूप से हो रहा है
विधानसभा में शराब डिलिवरी कराने की बात से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के एमएलसी सुनील सिंह पलट गए हैं. सुनील सिंह ने 27 फरवरी को विधानसभा में शराब डिलीवरी कराने की बात कही थी, लेकिन आज ऐसा नहीं हो पाया. अब सुनील सिंह कह रहे हैं, 'शराब मंगाना आसान है, लेकिन सभी सिपाहियों का कत्ल कर दिया जाएगा, सस्पेंड कर दिया जाएगा. हम किसी की रोजी-रोटी नहीं छीनना चाहते हैं.
इधर, जीतन राम मांझी जी भी कह रहे हैं कि हमारी पार्टी के MLA कह रहे हैं कि दिखता नहीं है, लेकिन बिकता हर जगह है. फिर आपने खुद कहा है कि साढ़े 4 करोड़ लीटर शराब बरामद हुई है. उन बोतलों में गंगाजल तो भरा हुआ नहीं था.
RJD नेता ने किया था ये दावा
बिहार में शराबबंदी की आड़ में हो रहे भ्रष्टाचार पर हमला बोलते हुए सुनील सिंह ने कहा था कि राज्य में आज भी शराब सबको मिल रही है. बस अब इसे लेने नहीं जाना पड़ता, क्योंकि इसकी की सरेआम डिलीवरी हो रही है. बिहार में शराबबंदी सिर्फ नाम के लिए है. जमीनी स्तर पर ऐसा कुछ नहीं हो रहा है. अगर आपको सबूत चाहिए, तो 27 फरवरी को सदन के अंतिम दिन मैं विधानसभा परिसर में ही शराब की डिलीवरी करवा कर दिखा सकता हूं.
शराबबंदी के बाद बढ़ गई खपत!
सुनील सिंह ने दावा किया था कि साल 2016 से लागू हुई शराबबंदी के बावजूद भी राज्य में इसकी खपत में कमी नहीं आई है. बल्कि इस नए कानून की वजह से राज्य में अवैध कारोबार और बढ़ गया है. सुनील सिंह ने कहा कि हम साफ तौर पर कहते हैं कि 2016 से पहले राज्य में जितनी शराब की खबत थी, उसकी तुलना में शराबबंदी होने के बाद खपत कई गुना ज्यादा बढ़ी है. ये बात किसी छिपी नहीं है.
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