भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर उत्पन्न आवागमन संकट के बीच बिहार सरकार ने आम जनता को एक बहुत बड़ी राहत दी है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर गंगा पार करने के लिए संचालित होने वाली नाव और स्टीमर सेवा को पूरी तरह से निशुल्क कर दिया गया है. इससे सबसे ज्यादा लाभ छात्रों और मजदूरों को होने वाला है. मुख्यमंत्री के इस फैसले को तत्काल धरातल पर उतारने के लिए सोमवार को भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी स्वयं बरारी घाट पहुंचे. उन्होंने वहां नाविकों, घाट संवेदकों तथा परिवहन एजेंसियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की.
1 जून से नाव और स्टीमर सेवा सभी के लिए मुफ्त
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि आज (1 जून) से बरारी घाट से गंगा के इस पार और उस पार जाने वाले सभी आम नागरिकों, पैदल यात्रियों, बाइकों एवं निजी चारपहिया वाहनों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं वसूला जाएगा. यह पूरी सेवा आम जनता के लिए पूरी तरह मुफ्त रहेगी. उन्होंने नाविकों और निजी एजेंसियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उन्हें अपने नुकसान की चिंता करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, क्योंकि उनके पूरे राजस्व की भरपाई बिहार सरकार द्वारा की जाएगी.
पहले देने पर रहे थे बाइक और सवारी को 50-50 रुपये
जिलाधिकारी ने बताया कि इससे पहले प्रति व्यक्ति और बाइक के लिए 50-50 रुपये का शुल्क तय था, जिसके कारण रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को हर दिन लगभग 200 रुपये तक खर्च करने पड़ते थे. सरकार के इस जनहितैषी फैसले से नवगछिया, दियारा और भागलपुर के बीच सफर करने वाले हजारों छात्रों, किसानों, मजदूरों और नौकरीपेशा लोगों को बहुत बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी.
इसके साथ ही डीएम ने घाट पर तैनात अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि यदि किसी भी यात्री से अवैध रूप से पैसे वसूलने की शिकायत मिली, तो संबंधित नाविक या एजेंसी के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. सरकार का यह कदम इस संकट की घड़ी में स्थानीय लोगों के लिए बेहद मददगार साबित हो रहा है.
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