बिहार में बार‍िश, तूफान और आकाशीय ब‍िजली गिरने से तबाही, 24 घंटों में 20 से ज्यादा लोगों की मौत

मुख्यमंत्री सचिवालय ने मृतकों के परिवारों के लिए 4 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है.

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बिहार में आकाशीय बिजली और आंधी में लोगों की मौत.

पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार में खराब मौसम ने भारी तबाही मचाई है, जिसके चलते तूफान, भारी बारिश और बिजली गिरने से 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए.  सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में पूर्वी चंपारण, गया और औरंगाबाद शामिल हैं. मौसम में यह अचानक बदलाव, एक दिन की भीषण गर्मी और उमस के बाद आया. सोमवार देर दोपहर तक, कई जिलों में गहरे बादल छा गए, और शाम तक, बारिश और बिजली कड़कने के साथ तेज तूफान ने राज्य के बड़े हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया. कई जिलों से जान-माल के नुकसान की खबरें आई हैं. 

पूर्वी चंपारण में 5 की मौत 

पटना जिले के बाढ़ में पेड़ गिरने और दीवारें ढहने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पूर्वी चंपारण में पांच लोगों की मौत की खबर है. गया में, पूरे जिले में 3 लोगों की मौत दर्ज की गई, जबकि औरंगाबाद में बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हुई. 

वैशाली (1), सीतामढ़ी (2), और भोजपुर (1) से भी जान-माल के नुकसान की अतिरिक्त खबरें मिली हैं. सीतामढ़ी में, तूफान के दौरान बिजली का खंभा गिरने से दो महिलाओं, रकीबा खातून और निकहत परवीन, की मौत हो गई. 

एक व्यक्ति, गुलाम हुसैन, गंभीर रूप से घायल हो गया और उसका इलाज चल रहा है. इस घटना से लोगों में भारी गुस्सा है; निवासियों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण बुनियादी ढांचा ठीक से नहीं रखा गया था. 

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पेड़ हाई-टेंशन तार पर गिरा 

रोहतास में, 25 वर्षीय बलवंत पासवान की काम करने की जगह पर बिजली गिरने से मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए.  कटिहार रेलवे मंडल के तहत आजमनगर स्टेशन पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक पेड़ की भारी डाल 25,000-वोल्ट ले जाने वाले हाई-टेंशन ओवरहेड तार पर गिर गई, जिससे आग लग गई. 

जैसे ही प्लेटफॉर्म पर धुआं फैल गया, यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई.  ट्रेन संख्या 55708 (कटिहार-राधिकापुर पैसेंजर) लगभग एक घंटे तक रुकी रही, जिसके बाद रेलवे अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रण में किया और परिचालन बहाल किया. 

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घंटों बिजली आपूर्ति ठप रही 

व्यापक नुकसान ने रोज़मर्रा की ज़िंदगी को भी अस्त-व्यस्त कर दिया. गिरे हुए पेड़ों और बिजली के खंभों ने सड़कों को अवरुद्ध कर दिया, और कई इलाकों में घंटों तक बिजली की आपूर्ति ठप रही.  भारत मौसम विज्ञान विभाग ने दिन की शुरुआत में ही एक अलर्ट जारी किया था, जिसमें पूरे बिहार में तूफ़ान, बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई थी. 

अधिकारियों ने निवासियों से सतर्क रहने और सुरक्षा संबंधी सलाह का पालन करने का आग्रह किया है, क्योंकि खराब मौसम की स्थिति बनी रह सकती है. 

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