बिहार के पूर्णिया से रिश्ते और भरोसे के कत्ल की कहानी सामने आई है. बेवफा पत्नी ने अपने 2 प्रेमियों के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी और शव को झाड़ियों में छिपा दिया. फिर पत्नी ने पुलिस पति के गायब होने की झूटी कहानी रचते हुए शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने जब की तो पत्नी ने जो कहानी बताई, उससे एकदम अलग सच्चाई सामने आई. पति हरियाणा और पंजाब में मजदूरी करता था और घर बनवाने के लिए पत्नी के पास पैसे भेजता था. पर पत्नी गांव में अपने 2-2 प्रेमी के साथ मिलकर उसे उड़ा रही थी. जब पति को पत्नी के 2 प्रेमियों के साथ संबंध होने की बात पता चली तो दोनों में बहस हुई और पति ने पत्नी से मारपीट की. जिसके बाद उसकी हत्या कर दी गई.
झाड़ियों में मिला था पति का शव
दरअसल, 05 मई को पत्नी गणिता देवी ने जानकीनगर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह पति के साथ दिबरा बाजार से वापस गांव रमजानी लौट रही थी. इसी बीच गांव के पास से पति गजेंद्र मण्डल वापस जल्द लौटने की बात कहकर चले गए और फिर वापस नहीं आए. पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया और जांच शुरू की. इस पर 07 मई को रमजानी से दिबरा जाने वाली नहर के किनारे झाड़ी से एक शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान गजेंद्र मण्डल के रूप में हुई. पुलिस ने जब मामले की गहराई से जांच की तो साक्ष्य मिले, वह हैरान करने वाले थे.
एसडीपीओ शैलेश प्रीतम ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पत्नी गणिता देवी ने अपने दो प्रेमी भरगामा ,अररिया निवासी रंजीत कुमार और रमजानी, जानकीनगर निवासी सुमन कुमार के साथ 03 मई की रात गजेंद्र मण्डल की हत्या कर शव को झाड़ी में छुपा दिया. उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए पति के गायब होने की पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस के अनुसार, गजेंद्र की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी तो वह अक्सर पंजाब और हरियाणा मजदूरी करने चले जाया करता था. पत्नी गणिता देवी के कंधे पर घर को संभालने की जिम्मेवारी थी.
एक साथ 2-2 संग पत्नी के अवैध संबंध
रंजीत, गजेंद्र का पुराना मित्र था और अक्सर वह गजेंद्र के गांव आया करता था. जबकि सुमन गांव का ही रहने वाला था और गजेंद्र का रिश्ते में भाई भी लगता था. गणिता छोटे-छोटे कामों के लिए सुमन की मदद लिया करती थी. ऐसे में सुमन का गजेंद्र के घर आना-जाना लगा रहता था. जब गजेंद्र गांव में नहीं होता था तो अक्सर रंजीत भी गणिता से मिलने आ जाया करता था. घर पर गजेंद्र के न रहने का परिणाम यह हुआ कि रंजीत और सुमन दोनों से गणिता के अवैध संबंध स्थापित हो गए, जिससे गजेंद्र बेखबर रहा. हाल के वर्षों में गजेंद्र परदेश में इसलिए हाड़-तोड़ मेहनत करता रहा कि उसका घर जर्जर हो चुका था और इस बरसात से पहले उसने घर बनाने का प्लान बना रखा था.
मजदूरी के पैसे को वह गांव पत्नी को लगातार भेजता रहा. जब उसे लगा कि अब जमा रुपये से घर बन सकता है तो वह अपने मालिक से कुछ एडवांस रुपये लेकर गांव लौट आया. लेकिन यहां जमा रुपये को गणिता देवी अपने दोनों प्रेमी पर खर्च कर चुकी थी. पति-पत्नी के बीच रुपये को लेकर तकरार हुई तो गणिता ने बताया कि रंजीत और सुमन ने रुपये यह कहकर उधार लिया है कि घर बनाने समय वापस कर देंगे. जबकि ,सच्चाई यह थी कि तीनों ने मिलकर रुपये को खाने-पीने में खर्च कर दिया था. वहीं, गांव वापस आने पर गजेंद्र के कानों तक भी गणिता के इश्क के चर्चे पहुंचे.
अवैध संबंध का पता चलने पर पत्नी संग की मारपीट
जब गजेंद्र इस चर्चा से पूरी तरह वाकिफ हो गया तो अपनी पत्नी से इस बाबत सवाल किया. लेकिन गणिता गजेंद्र की बातों को पड़ोसियों की जलन का नतीजा बताते हुए खारिज कर दी. फिर 02 मई की रात अवैध संबंध को लेकर पति-पत्नी के बीच तकरार हुआ और गजेंद्र ने गणिता की जमकर पिटाई कर दी. अगले दिन गणिता ने पिटाई की बात दोनों प्रेमी को बता दी और यह बात दोनों को नागवार गुजरी. इसी के बाद गणिता की पिटाई से नाराज प्रेमी रंजीत और सुमन ने गजेंद्र को हमेशा से रास्ते से हटाने का फैसला लिया, जिसमें गणिता की भी रजामंदी थी.
पंचायत के बहाने गणिता ने 03 मई की दोपहर को रंजीत और सुमन को अपने घर बुलाया. तीनो ने मिलकर गजेंद्र को यह समझाने का प्रयास किया कि उनका कोई गलत रिश्ता नहीं है. सबों ने मिलकर भोजन किया और उसके बाद रंजीत व सुमन ने शाम में गजेंद्र को खरीददारी के लिए दिबरा बाजार चलने को कहा. तीनों साथ निकल पड़े, जबकि षड्यंत्र का हिस्सा रही गणिता भी चुपचाप पीछे से साथ हो ली. सुनसान जगह पहुंचकर तीनों ने मिलकर गजेंद्र की हत्या कर दी और लाश को झाड़ी में ठिकाने लगा दिया. पुलिस को हत्या के दो दिनों के बाद पति के गायब होने की लिखित जानकारी दी. लेकिन, अंतत मामले का खुलासा हो गया और गणिता अब दोनों प्रेमी के साथ न्यायिक हिरासत में है.
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