- उत्तर प्रदेश में यादव समाज ने फिल्म यादव जी की लव स्टोरी के शीर्षक और सामग्री पर कड़ी आपत्ति जताई है.
- विरोध प्रदर्शन पटना में भी हुआ जहां युवाओं ने फिल्म पर प्रतिबंध और निर्माताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
- युवाओं ने गुलाबबाग से काजीचक चौक तक पैदल मार्च कर फिल्म का नाम बदलने की जोरदार मांग की और पुतला दहन किया.
मनोज बाजपेयी की फिल्म 'घूसखोर पंडत' को लेकर हुए विवाद के बाद अब उत्तर प्रदेश में एक और नई फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है. इस फिल्म के शीर्षक को लेकर यादव समाज ने कड़ी आपत्ति जताई है और इसे अपने समुदाय के अपमान से जोड़कर देख रहे हैं. विरोध की यह लहर अब उत्तर प्रदेश की सीमाओं को पार कर बिहार तक पहुंच गई है, जहां यादव समाज के लोग फिल्म पर प्रतिबंध लगाने और निर्माताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
पटना के बाढ़ क्षेत्र में आगामी 27 फरवरी को रिलीज होने वाली फिल्म "यादव जी की लवस्टोरी" के खिलाफ भारी जन-आक्रोश देखा गया. युवा यादव संगठन के बैनर तले आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में युवाओं ने फिल्म को किसी भी स्थिति में सिनेमा हॉल में प्रदर्शित न होने देने की चेतावनी दी है. संगठन का आरोप है कि यह फिल्म न केवल सनातन धर्म की एकता को खंडित करने का प्रयास है, बल्कि इसके माध्यम से समाज में जातीय विद्वेष और वैमनस्य फैलाने की कोशिश की जा रही है.
फिल्म का नाम बदलने की पुरजोर मांग
विरोध को दर्ज कराने के लिए युवाओं ने गुलाबबाग स्थित राधा कृष्ण मंदिर से काजीचक चौक तक एक विशाल पैदल मार्च निकाला. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर जमकर नारेबाजी की और फिल्म का नाम बदलने की पुरजोर मांग की. विरोध प्रदर्शन का समापन काजीचक चौक पर फिल्म के निर्देशक का पुतला दहन कर किया गया, जहां युवाओं ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.
क्यों हो रहा है विवाद
फिल्म में यादव समाज की एक बेटी और मुस्लिम युवक के बीच प्रेम कहानी दिखाई गई है. यादव समाज का कहना है कि इससे उनकी छवि खराब हो रही है और भावनाओं का अपमान हुआ है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि फिल्म का नाम और कहानी खास तौर पर यादव समाज को निशाना बनाती है. धनारी थाना क्षेत्र में यादव समाज के लोगों ने सिनेमा हॉल चलाने वालों को सख्त अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने कहा कि अगर फिल्म की स्क्रीनिंग तुरंत नहीं रोकी गई, तो गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. वे किसी भी हालत में अपने इलाके में इस फिल्म को चलने नहीं देंगे. बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की.
गोविंद कुमार की रिपोर्ट













