- गयाजी के गांधी मैदान में आयोजित विश्व शांति महोत्सव में शिक्षक खान सर के न आने से छात्र और युवा नाराज हुए.
- कार्यक्रम में कई धर्मों के प्रतिनिधि शामिल थे जिन्होंने विश्व शांति और आपसी भाईचारे का संदेश दिया.
- खान सर बोधगया में निजी अस्पताल के कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण गांधी मैदान नहीं पहुंच सके.
बिहार के गया जी के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित तीन दिवसीय विश्व शांति महोत्सव उस समय हंगामे में बदल गया, जब प्रसिद्ध शिक्षक खान सर कार्यक्रम में नहीं पहुंचे. बड़ी संख्या में पहुंचे छात्रों और युवाओं ने नाराजगी जताते हुए जमकर हंगामा किया. कार्यक्रम स्थल पर अफरा‑तफरी मच गई. दरअसल, इस महोत्सव में शामिल होने के लिए चर्चित शिक्षक खान सर का नाम प्रमुख रूप से प्रचारित किया गया था. उन्हें सुनने के लिए बड़ी संख्या में छात्र और युवा गांधी मैदान पहुंचे थे.
कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी समेत विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं और बुद्धिजीवियों ने दीप प्रज्वलित कर किया. मंच पर हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध और जैन धर्म के प्रतिनिधि मौजूद रहे, जो विश्व शांति और आपसी भाईचारे का संदेश देने के लिए एकत्र हुए थे. लेकिन उद्घाटन के तुरंत बाद जैसे ही छात्रों को यह जानकारी मिली कि खान सर कार्यक्रम में मौजूद नहीं हैं, माहौल अचानक गरमा गया. नाराज छात्रों और युवाओं ने दर्शक दीर्घा में हंगामा शुरू कर दिया. कुछ युवाओं ने कुर्सियां फेंकनी शुरू कर दीं, कई कुर्सियां तोड़ दी गईं और आयोजकों के खिलाफ नारेबाजी की गई. छात्रों का कहना था कि जब खान सर के आने का प्रचार किया गया था, तो उनका कार्यक्रम में उपस्थित होना जरूरी था.
जानकारी के अनुसार, खान सर उसी दिन बोधगया में एक निजी अस्पताल के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे. इसके बाद उनका कार्यक्रम पटना में तय हो गया, जिसके चलते वे समय पर गांधी मैदान नहीं पहुंच सके. हालांकि, आयोजक समिति के सदस्य हलीम खान ने बताया कि खान सर देर रात करीब 10 बजे तक कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं. हालांकि, इस कार्यक्रम में पंजाब के शाही इमाम की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी रही. भारी भीड़ और हंगामे के कारण कार्यक्रम की व्यवस्थाएं प्रभावित हुईं, लेकिन आयोजक हालात को संभालने में जुटे रहे.
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