पटना के गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा की मौत या हत्या? पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोले कई राज

परिजनों का आरोप है कि हॉस्टल का CCTV फुटेज उन्हें नहीं दिया जा रहा. इस पर एसएसपी ने कहा कि गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए, अगर परिजन मांग करते हैं तो उन्हें फुटेज दिखाया जा सकता है.

विज्ञापन
Read Time: 5 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • पटना के गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने यौन उत्पीड़न के संकेत दिए हैं
  • छात्रा की मौत पर परिजनों ने हत्या और दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए कारगिल चौक पर प्रदर्शन किया
  • परिजनों का आरोप है कि हॉस्टल संचालक ने हत्या की और मामले को आत्महत्या दिखाने के लिए दबाने की कोशिश की गई
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
पटना:

पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली एक छात्रा की संदिग्ध मौत ने पूरे बिहार में सनसनी फैला दी है. मेडिकल की तैयारी कर रही छात्रा ने 10 जनवरी 2026 को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था. शुरुआती तौर पर मामले को संदिग्ध हालात में नींद की गोलियां खाने से जोड़कर देखा गया, लेकिन अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पूरे मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है. सूबे के गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने अब इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है. 

कारगिल चौक पर प्रदर्शन, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

छात्रा की मौत के बाद 11 जनवरी को परिजनों ने पटना के कारगिल चौक पर शव के साथ जोरदार प्रदर्शन किया. परिजनों ने आरोप लगाया कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या और दुष्कर्म का मामला है. प्रदर्शन के दौरान हालात तनावपूर्ण हो गए और पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. इस घटना के चलते सड़क पर कई घंटे तक यातायात बाधित रहा और इलाके में भारी हंगामा देखने को मिला.

परिजनों का आरोप हत्या को आत्महत्या दिखाने की साजिश

मृतका के परिजनों का कहना है कि हॉस्टल संचालक ने छात्रा की हत्या की और फिर मामले को दबाने के लिए इसे नींद की अधिक गोलियां खाने का मामला बताया गया. परिजनों का आरोप है कि शुरू से ही सच्चाई छुपाने की कोशिश की गई. अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की बात सामने आने के बाद परिजनों की आशंका और गहरी हो गई है.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न के संकेत

परिजनों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट संकेत मिले हैं कि छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न हुआ था. इसी आधार पर अब पुलिस ने इस मामले को यौन उत्पीड़न और संभावित दुष्कर्म की धाराओं में जांच के दायरे में लिया है. मेडिकल सैंपल को आगे की जांच के लिए एम्स भेजा गया है, ताकि दुष्कर्म की पुष्टि हो सके.

Advertisement

मृतका के परिजनों का बड़ा आरोप

मृतका परिजनों ने हॉस्टल संचालक, प्रभात मेमोरियल अस्पताल और वहां इलाज करने वाले डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि जिस निजी अस्पताल में छात्रा का पहला इलाज हुआ, वहां के डॉक्टर सतीश और एक महिला डॉक्टर ने पुलिस को यह बताया कि छात्रा के साथ कोई यौन उत्पीड़न नहीं हुआ. उनका आरोप है कि यह बयान एक साजिश का हिस्सा है, ताकि हत्या को आत्महत्या दिखाया जा सके.

उन्होंने यह भी दावा किया कि हॉस्टल संचालक की ओर से घटना को उजागर न करने के बदले मोटी रकम देने की पेशकश की गई थी. इसके साथ ही उन्होंने पुलिस पर भी शुरुआती दौर में सही तरीके से जांच नहीं करने का आरोप लगाया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि हमारी आशंका गलत नहीं थी. यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या है. सबूतों को दबाने की कोशिश की गई.

Advertisement

परिजनों की मांग सख्त कार्रवाई हो

मृतका के परिजनों ने भी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि अगर समय रहते सही जांच होती, तो शायद सच्चाई पहले ही सामने आ जाती.

पुलिस का बयान SIT गठित, हर एंगल से जांच

इस पूरे मामले पर पटना एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस ने यौन उत्पीड़न की धाराओं में जांच शुरू कर दी है. पहले इस एंगल पर जांच नहीं हो रही थी, लेकिन अब यह पूरी तरह जांच के दायरे में है.

एसएसपी ने बताया कि मेडिकल सैंपल एम्स भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद दुष्कर्म की पुष्टि होगी. उन्होंने यह भी कहा कि प्रभात मेमोरियल अस्पताल और वहां इलाज करने वाली महिला डॉक्टर की भूमिका की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि कहीं अस्पताल की ओर से मामले को दबाने की कोशिश तो नहीं की गई.

CCTV फुटेज और मोबाइल की जांच

परिजनों का आरोप है कि हॉस्टल का CCTV फुटेज उन्हें नहीं दिया जा रहा. इस पर एसएसपी ने कहा कि गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए, अगर परिजन मांग करते हैं तो उन्हें फुटेज दिखाया जा सकता है. इसके साथ ही मृतका के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और डेटा की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि सबूतों से छेड़छाड़ तो नहीं की गई.

Advertisement

SIT टीम करेगी गहन जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना पुलिस ने SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का गठन किया है. इस टीम में संबंधित क्षेत्र के एसपी, डीएसपी, इंस्पेक्टर और फॉरेंसिक विशेषज्ञ शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि अगर एम्स की रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि होती है और हॉस्टल संचालक या अस्पताल की भूमिका सबूत छुपाने में सामने आती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, खासकर उस महिला डॉक्टर के खिलाफ जिसने शुरुआती मेडिकल रिपोर्ट दी थी.

पटना गर्ल्स हॉस्टल की इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या यह सिर्फ एक संदिग्ध मौत थी या फिर एक सुनियोजित अपराध? पोस्टमार्टम रिपोर्ट और SIT जांच से आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है. फिलहाल, पीड़ित परिवार न्याय की मांग पर अड़ा है और पूरे राज्य की नजर इस हाई-प्रोफाइल जांच पर टिकी हुई है.

Advertisement
Featured Video Of The Day
America-Iran Ceasefire BREAKING: Lebanon पर Israel के हमलों से भड़का ईरान | Strait of Hormuz