- काशी के मणिकर्णिका घाट पर हुई तोड़-फोड़ को लेकर बिहार सांसद पप्पू यादव पर कटिहार में मामला दर्ज किया गया है
- पप्पू यादव ने अपने बयान को लेकर निडर होने का दावा किया कि वह किसी से डरते नहीं हैं
- सांसदों द्वारा मणिकर्णिका घाट से जुड़े मंदिरों को तोड़े जाने की फोटो और वीडियो को फेक बताया जा रहा है
काशी के मणिकर्णिका घाट पर हुई तोड़-फोड़ को लेकर सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक बहस तेज है. इस मामले में बिहार के पूर्णिया सांसद पप्पू यादव पर उनके एक बयान को लेकर कटिहार में मामला दर्ज हुआ है. इस पर उन्होंने कहा कि पप्पू यादव ना किसी से डरा है और ना कभी किसी से डरेगा. उन्होंने कहा कि इस मामले में कई लोगों ने सवाल उठाया है और उनका सवाल भी जायज है, इसलिए वह अपने सवालों के साथ बने हुए हैं.
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मैं डरने वाला नहीं हूं
ऐसे में मामला दर्ज करने के सवाल पर पप्पू यादव ने कहा कि वह डरने वाले नहीं हैं. बता दें कि सांसदों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मणिकर्णिका घाट से जुड़े कई मंदिरों को तोड़े जाने की फोटो और वीडियो पोस्ट को फेक बताया जा रहा है. इसे लेकर सांसद पप्पू यादव पर भी मामला दर्ज हुआ है.
पप्पू यादव ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि जब से बीजेपी की सरकार आई है तब से कभी संविधान तो कभी आरक्षण, कभी मनरेगा, कभी इतिहास को मिटाने की कोशिश की जाती है. भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक दर्शन, हमारी परंपराओं को खत्म करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि बनारस को बनाने वाली अहिल्याबाई की मूर्ति भी तोड़ दी. अब मणिकर्णिका के पुरी मंदिर को तोड़ा जा रहा है.
पप्पू यादव ने केंद्र पर साधा निशाना
पप्पू यादव ने निशाना साधते हुए कहा कि अपने उद्योगपति पूंजीपति दोस्तों के लिए क्या आप हमारी पूरी सभ्यता-संस्कृति और इतिहास को मिटाएंगे. उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ संजय सिंह या प्रियंका गांधी ही नहीं बल्कि सबसे पहले सुमित्रा महाजन ने आवाज उठाई थी. इसके बाद वहां के पंडित और पुजारियों ने भी विरोध किया.
पप्पू यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सोशल मीडिया आजादी की आवाज है. इसीलिए एक्स के जरिए देश को बताइए कि क्या आप सनातन को बेच देंगे या गिरवी रख देंगे. उन्होंने कहा कि पप्पू यादव किसी से नहीं डरते. हिम्मत है तो बााबाओं, शंकराचार्य और सुमित्रा महाजन को डराइए. क्या आप लोकतंत्र में हमारे फंडामेंटल राइट को खत्म कर देंगे. उन्होंने कहा कि सनातन के लिए एक बार नहीं हजार बार मिटना पड़ेगा, मरना पड़ेगा तो हम मरेंगे, लेकिन सनातन संस्कृति, हमारे भारत की सभ्यता और इतिहास को खत्म नहीं होने देंगे.













