- नीतीश कुमार 14 जनवरी के बाद 16वीं बार प्रदेश की यात्रा पर निकलेंगे, जिसका उद्देश्य जनता से सीधे संवाद है
- न्याय यात्रा के बाद 2005 में एनडीए को पूर्ण बहुमत मिला था, जिससे नीतीश कुमार को पहली बार सत्ता मिली थी
- प्रगति यात्रा के दौरान महिलाओं को रोजगार के लिए वित्तीय सहायता देने का आइडिया चुनाव में निर्णायक साबित हुआ था
नीतीश कुमार 14 जनवरी के बाद एक बार फिर से प्रदेश भर की यात्रा पर निकल रहे हैं. यह उनकी 16वीं यात्रा होगी. एक समय पर ऐसी ही यात्राओं ने नीतीश कुमार को बड़ा राजनीतिक लाभ पहुंचाया था. बात अगर इस बार के विधानसभा चुनाव की करें तो नीतीश कुमार की पार्टी JDU ने शानदार प्रदर्शन किया है. और अब नीतीश कुमार एक बार फिर से यात्रा पर निकल रहे हैं. खास बात ये हैं कि उन्हें सत्ता भी राज्य भर की यात्रा के बाद ही मिली है. 2005 में वे न्याय यात्रा पर निकले थे, इसके बाद चुनाव में एनडीए को पूर्ण बहुमत मिला.
न्याय यात्रा ने दिलाई थी नीतीश को सत्ता
बिहार में 2005 की फरवरी में विधानसभा चुनाव हुए. तब जदयू को 55, भाजपा को 37 सीटें मिली। राजद को 75, कांग्रेस को 10 सीटें मिली. किसी भी गठबंधन को बहुमत नहीं मिला. लंबी जद्दोजहद के बाद मई में बिहार में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया. एनडीए इसके खिलाफ था. नीतीश कुमार ने इस फैसले को जनादेश की हत्या बताया.उन्होंने जुलाई में न्याय यात्रा निकालने का फैसला किया. वे पूरे प्रदेश में गए. इसका परिणाम नवंबर में हुए चुनाव में दिखा.नवंबर में जदयू 88 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी,भाजपा को 55 सीटें मिली और प्रदेश में एनडीए ने पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई.नीतीश कुमार ने पहली बार बतौर मुख्यमंत्री 5 साल का कार्यकाल पूरा किया.
प्रगति यात्रा से मिला 10 हजार रुपए देने का गेमचेंजर आइडिया
2025 में विधानसभा चुनाव से पहले वे प्रगति यात्रा पर निकले. इसी दौरान महिलाओं से संवाद के दौरान उन्होंने रोजगार के लिए महिलाओं के खाते में रुपए देने का आइडिया आया.इस चुनाव में यह स्कीम गेमचेंजर साबित हुई.विपक्षी खेमा मानता है कि इसी स्कीम की वजह से एनडीए की बंपर जीत हुई है.
नई यात्रा का क्या है मकसद?
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि नीतीश कुमार हर साल यात्रा पर निकलते हैं.पब्लिक से सीधे फीडबैक मिलता है और ग्राउंड पर चल रहे कामों में तेजी आती है.संजय झा के बयान से यह तो पता चलता है कि नीतीश कुमार एक बार फिर से पब्लिक का फीडबैक हासिल करने जा रहे हैं.इस फीडबैक से उन्हें कितना लाभ मिलेगा, यह देखने वाली बात होगी.
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अब तक नीतीश कुमार ने कौन - कौन सी यात्राएं की?
- नीतीश कुमार ने पहली यात्रा जुलाई 2005 को न्याय यात्रा के नाम से शुरू की थी.
- लोकसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार ने जनवरी 2009 को विकास यात्रा निकाली.
- लोकसभा चुनाव में शानदार जीत हासिल करने के बाद जून 2009 से धन्यवाद यात्रा शुरू की.
- दिसंबर 2009 को प्रवास यात्रा निकाली, जिसमें वो जिले में जाकर प्रवास करते थे.
- 2010 के विधानसभा चुनाव में जाने से पहले अप्रैल 2010 से विश्वास यात्रा निकाली.
- विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल करने के बाद 2011 के अंत में सेवा यात्रा निकाली.
- सितंबर 2012 से बिहार को विशेष राज्य की दर्जा की मांग को लेकर नीतीश कुमार अधिकार यात्रा पर निकले.
- 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले संकल्प यात्रा की शुरुआत की.
- नवंबर 2014 से संपर्क यात्रा की शुरुआत की.
- 2015 में सरकार बनाने के बाद नीतीश कुमार ने 7 निश्चय को लागू किया.
- इसी का फीडबैक लेने के लिए नवंबर 2016 से निश्चय यात्रा पर निकले.
- दिसंबर 2017 से समीक्षा यात्रा शुरू की, इसमें विकास कार्यों की समीक्षा की.
- दिसंबर 2019 को जल-जीवन-हरियाली यात्रा निकाली.
- दिसंबर 2021 को नीतीश समाज सुधार यात्रा पर निकले.
- इस लोकसभा चुनाव से पहले 28 जनवरी 2023 से समाधान यात्रा पर निकले.
- 2025 विधानसभा से पहले उन्होंने प्रगति यात्रा निकाली.














