- बिहार सरकार ने पटना में NEET छात्रा दुष्कर्म और मौत मामले की जांच CBI से कराने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा है
- मामले में लापरवाही के आरोपों के बाद चित्रगुप्त नगर थाना की SHO को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया था
- विपक्ष ने बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन पर जांच में देरी और निष्पक्षता से समझौता करने के आरोप लगाए हैं
पटना में NEET छात्रा के साथ दुष्कर्म और मौत मामले में बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए CBI जांच कराने की मांग की है. बिहार के गृह विभाग की ओर से जारी आधिकारिक पत्र में चित्रगुप्त नगर थाना कांड संख्या 14/26 को SIT से हटाकर CBI जांच के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है. राज्यपाल की सिफारिश के बाद अब केंद्र की स्वीकृति का इंतजार है. इस मामले में लापरवाही बरतने के लिए आरोपों के बीच चित्रगुप्त नगर थाने की SHO रौशनी कुमारी को SSP पटना ने तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया था. इस मामले की जांच बाद में एसआईटी को सौंपी गई थी. लेकिन अब आगे केंद्र सरकार से मिली जानकारी के बाद इस मामले की जांच सीबीआई करेगी.
कोर्ट मॉनिटरिंग और सुरक्षा की मांग
पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने कहा कि CBI जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जानी चाहिए.उन्होंने दावा किया कि पीड़िता के परिवार की जान को खतरा है और उन्हें तत्काल सुरक्षा दी जानी चाहिए. पप्पू यादव के अनुसार, पीड़िता की मां ने फोन कर सुरक्षा की मांग की है.
परिजनों का अविश्वास: CBI जांच पर भी सवाल
CBI जांच के एलान के बावजूद पीड़िता के परिजन संतुष्ट नहीं हैं.परिजनों का कहना है कि उन्हें न बिहार सरकार पर भरोसा है और न ही बिहार पुलिस पर. उनका आरोप है कि SIT जांच के दौरान अहम सबूतों को कमजोर किया गया, जिससे अब CBI जांच पर भी उन्हें संदेह है.परिवार ने दो टूक कहा है कि वे शुरू से ही हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं.
CBI पर टिकी होगी अब सबकी नज़र
अब बिहार सरकार की अनुशंसा के बाद केंद्र सरकार की मंजूरी मिलते ही CBI इस केस में एफआईआर दर्ज कर औपचारिक जांच शुरू करेगी.इसके बाद राज्य पुलिस, SIT और CID से जुड़े सभी दस्तावेज, सबूत और रिपोर्ट CBI को सौंपे जाएंगे.छात्रा हत्याकांड की जांच अब CBI के हाथों में है, लेकिन परिजनों का अविश्वास, विपक्ष के आरोप और न्यायिक निगरानी की मांग इस मामले को और अधिक संवेदनशील बना रही है.अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि CBI जांच से इस जघन्य अपराध में पीड़िता को कब और कैसे न्याय मिल पाता है.
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