- बिहार राज्यसभा चुनाव में NDA ने सभी पांच सीटों पर जीत हासिल कर महागठबंधन को हार का सामना करना पड़ा.
- RJD के विधायक फैसल रहमान वोटिंग से गायब रहे, जिससे तेजस्वी यादव की पार्टी को बड़ा नुकसान हुआ.
- तेजस्वी फैसल रहमान पर कार्रवाई नहीं कर पाएंगे क्योंकि इससे उनका नेता प्रतिपक्ष का पद खतरे में पड़ सकता है.
सोमवार को हुई राज्यसभा चुनाव की वोटिंग में जीत के लिए तेजस्वी यादव ने खूब जोर लगाया. विधायक टूट नहीं सके, क्रॉस वोटिंग न हो इसलिए पार्टी विधायकों को पटना के एक होटल में रखा, जिस AIMIM को विधानसभा चुनाव के समय साथ लेने से कतराते रहे उससे हाथ भी मिलाया. लेकिन फिर भी महागठबंधन को हार का सामना करना पड़ा. लेकिन इसके भी महागठबंधन के उम्मीदवार को जीत नहीं मिली. NDA ने बिहार में हुई राज्यसभा की सभी 5 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है. विधानसभा चुनाव के बाद अब राज्यसभा में मिली यह हार तेजस्वी के लिए बड़ा झटका है.
वोटिंग से गायब रहे राजद विधायक फैसल रहमान पर कार्रवाई नहीं कर सकेंगे तेजस्वी!
लेकिन इस हार के बाद तेजस्वी को एक और कड़वा घूंट पीना होगा. क्योंकि RJD के जिस विधायक के कारण तेजस्वी को राज्यसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा उसपर वो कार्रवाई नहीं कर सकेंगे. क्योंकि यदि तेजस्वी राज्यसभा चुनाव की वोटिंग से गायब रहे राजद विधायक फैसल रहमान पर कोई कार्रवाई करते हैं तो उनकी खुद की नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी पर खतरा आ जाएगा.
दरअसल राज्यसभा चुनाव में वोटिंग के दौरान RJD के विधायक फैसल रहमान ने पार्टी को गच्चा दे दिया. वे वोटिंग से एब्सेंट हो गए. उनके अलावा कांग्रेस के 3 अन्य विधायक भी वोटिंग के लिए नहीं पहुंचे. इससे NDA के लिए पांचों सीट पर जीत का रास्ता साफ हो गया. पार्टी नेताओं का दावा है कि उन पर दबाव बनाया गया. इसलिए वे वोट डालने नहीं आए.
नेता प्रतिपक्ष के लिए कम से कम 25 विधायकों की आवश्यकता
243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का दर्जा हासिल करने के लिए किसी भी पार्टी को 10% यानी 25 विधायकों की आवश्यकता है. राजद के पास अभी ठीक - ठीक 25 विधायक ही हैं. अगर राजद किसी विधायक को निष्कासित करता है तो उसकी आधिकारिक संख्या 24 हो जाएगी. इस स्थिति में पार्टी को नेता प्रतिपक्ष का पद मिलना न मिलना, सरकार पर निर्भर करेगा.
2010 में जब राजद सिर्फ 22 सीटें जीता था तब अब्दुल बारी सिद्दीकी को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा दिया गया था. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इसमें सहमति थी, अगर वे नहीं चाहते तो पार्टी को यह दर्जा नहीं मिलता. मौजूदा परिस्थितियों में सत्ता पक्ष राजद को यह दर्जा देगा, इस पर संदेह है. ऐसे में तेजस्वी यादव से कैबिनेट मंत्री के दर्जा, उनका बंगला भी छीन सकता है.
पार्टी देखेगी, विधिसम्मत कार्रवाई करेगी
परिणाम के वोटिंग से गायब रहे राजद विधायक फैसल रहमान पर कार्रवाई को लेकर पूछे गए सवाल पर तेजस्वी यादव ने कहा कि हम उस पर क्या कार्रवाई करेंगे, इस पर अपना निर्णय देंगे. वहीं राजद प्रवक्ता शक्ति यादव से जब हमने यह सवाल पूछा तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया. शक्ति यादव ने कहा कि हम देखेंगे, पार्टी के संविधान के अनुसार कार्रवाई करेंगे. पार्टी उनके निष्कासन के लिए स्पीकर को लिखेगी या नहीं, इस पर उन्होंने कुछ भी साफ नहीं किया.
RJD के लिए आगे कुआं, पीछे खाई वाली स्थिति
वरिष्ठ पत्रकार रवि उपाध्याय कहते हैं कि राजद के लिए आगे कुआं, पीछे खाई वाली स्थिति है. अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के पद पर कंटिन्यू करते तो राजद अपने विधायक को निष्कासित करने की सोच सकता था लेकिन भाजपा के मुख्यमंत्री बनने की स्थिति में राजद ऐसा करने से बचेगा. नीतीश कुमार राजनीतिक अदावत के बावजूद लालू परिवार के लिए सहानुभूति रखते थे. भाजपा नेताओं के साथ ऐसा नहीं है. अब अगर वे कार्रवाई करते हैं तो उनकी कुर्सी पर खतरा है और नहीं करते हैं तो उन पर कमजोर नेता का ठप्पा लगेगा.
राजेश राम बोले- बीजेपी ने हमारे विधायकों की चोरी कर ली
राज्यसभा चुनाव की वोटिंग के दौरान 3 कांग्रेस विधायकों के गायब होने पर कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा, हमारे विधायकों को भाजपा ने चोरी कर लिया है. बीजेपी की सरकार है, 3 विधायक 13 तारीख से लगातार संपर्क में थे. 13 तारीख की रात तक सभी विधायक से कंफर्टेबल बात हो रही थी. आखिर ऐसी कौन सी बात आ गई कि 13 तारीख के बाद से हमारे तीन विधायक अनरीच हो गए.
सीनियर नेताओं से राय लेकर गायब विधायकों को कार्रवाई करेगी कांग्रेस
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आगे कहा कि भाजपा जहां पर रहती है, वोट चोरी करके सरकार बनती है. हमारे जीते हुए प्रतिनिधियों को बीजेपी चुराता है. 1 विधायक हमारे पास आए थे, उन्होंने कहा कि हमारे विधायकों को हाउस अरेस्ट कर दिया गया है. घरों के बाहर पुलिस लगा दी गई है. 13 तारीख के बाद हमारे विधायक कब चोरी हो गए कहना मुश्किल है. सीनियर नेताओं से राय लेकर हम उन पर कार्रवाई करेंगे. ये माफ करने वाली बात नहीं है.
यह भी पढ़ें - बिहार राज्यसभा चुनाव में NDA के सभी पांचों उम्मीदवार जीते, महागठबंधन के 37 विधायकों ने ही किया वोट
यह भी पढ़ें - राज्यसभा चुनाव: कौन हैं महागठबंधन के 4 विधायक जिन्होंने तेजस्वी का खेल बिगाड़ा













