- पटना में महिला आरक्षण बिल के लिए NDA के सभी घटक दलों ने संयुक्त जन आक्रोश महिला सम्मेलन आयोजित किया.
- इस प्रदर्शन में CM सम्राट चौधरी ने कहा PM मोदी देश की हर सामान्य महिला को नेतृत्व में देखना चाहते हैं.
- CM सम्राट चौधरी ने कहा कि महिलाओं के साथ अन्याय करने वालों को पाताल से भी खोजकर सजा दिलाई जाएगी.
बिहार की राजधानी पटना आज भगवा रंग और नारी शक्ति के नारों से सराबोर दिखी. महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्ष के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और एनडीए के सभी घटक दलों ने मिलकर पटना के कारगिल चौक पर ऐतिहासिक 'जन आक्रोश महिला सम्मेलन' का आयोजन किया. इस प्रदर्शन में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिरकत कर विपक्षी गठबंधन पर तीखे प्रहार किए. कार्यक्रम में बीजेपी के साथ-साथ एनडीए के सभी सहयोगी दलों की प्रमुख महिला नेत्रियों ने भी मंच साझा कर अपनी एकजुटता प्रदर्शित की.
बीजेपी का दावा पूरे बिहार से 50 हजार महिलाएं पहुंचीं
इस प्रदर्शन के लिए पूरे बिहार से लगभग 50 हजार महिलाओं के हुजूम ने पटना की सड़कों पर मार्च निकाला. यह दावा बीजेपी की ओर से किया गया है. समर्थकों ने विशेष रूप से डिजाइन की गई टी-शर्ट पहनी थी, जो महिला आरक्षण के प्रति उनके अटूट समर्थन को दर्शा रही थी. मंच पर मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी सहित एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.
विपक्ष पर साधा निशाना: "मोदी जी का लक्ष्य देश की हर बेटी का विकास
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, "राहुल गांधी, लालू यादव और स्टालिन जैसे नेता केवल अपने परिवार की महिलाओं (पत्नी, बेटी या बहन) को सदन में देखना चाहते हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य देश की हर साधारण महिला को विधायक और सांसद बनाना है." उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि 33% आरक्षण सही समय पर लागू होता, तो बिहार से कम से कम 122 महिलाएं विधानसभा में नेतृत्व कर रही होतीं.
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि बिहार में पंचायती राज और नगर निकायों में 50% आरक्षण देकर महिलाओं को मुख्यधारा में लाने का काम एनडीए सरकार ने ही किया है. महिलाओं को संबोधित करते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने कहा, "आपका भाई सम्राट चौधरी यहां खड़ा है. बहनों के साथ अन्याय करने वाले को पाताल से भी खोजकर सजा दी जाएगी."
विधायक श्रेयसी सिंह ने विपक्ष को ठहराया जिम्मेदार
बीजेपी विधायक श्रेयसी सिंह ने NDTV से विशेष बातचीत में विपक्ष को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा, "यह देश की महिलाओं के लिए बहुत बड़ा नुकसान है कि विपक्ष की राजनीति के कारण यह बिल बाधित हो रहा है. विपक्ष नहीं चाहता कि साधारण पृष्ठभूमि की महिलाएं सदन में बैठें." उन्होंने कहा कि विपक्ष की वजह से ही आज देश की महिलाएं अपने संवैधानिक हक से वंचित हैं. बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष अमृता भूषण ने भी महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया.
NDA की सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन
आज के इस प्रदर्शन में JDU, HUM और LJP (R) की महिला नेताओं की भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बिहार में NDA एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरने को तैयार है. नेताओं ने एक सुर में कहा कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को लेकर विपक्ष का विरोध उनकी महिला विरोधी मानसिकता को उजागर करता है.
सुरक्षा और सुशासन का वादा
मुख्यमंत्री ने महिलाओं को सुरक्षा का भरोसा देते हुए कहा कि बिहार में कानून का राज है. उन्होंने अपराधियों को चेतावनी दी कि "आपका भाई सम्राट चौधरी यहां खड़ा है, जो भी बहनों के साथ गलत करेगा, उसे पाताल से भी खोजकर निकाला जाएगा." उन्होंने स्पष्ट किया कि एनडीए गठबंधन बिहार के विकास और महिलाओं के सम्मान के लिए समर्पित है.
चुनाव से पहले बढ़ी तपिश
मंच पर प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और अन्य दिग्गज नेताओं की मौजूदगी ने साफ कर दिया कि बीजेपी आने वाले चुनावों में महिला आरक्षण को एक बड़ा मुद्दा बनाने जा रही है. बिहार में 'जीविका' दीदियों के उत्थान और स्थानीय निकायों में आरक्षण के बाद अब केंद्र की 33% आरक्षण योजना को लेकर NDA पूरी तरह आक्रमक नजर आ रही है.
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