नालंदा में बंध्याकरण से मौत, स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे गंभीर सवाल, डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप

नालंदा के हिलसा अनुमंडलीय अस्पताल में बंध्याकरण ऑपरेशन के दौरान 28 वर्षीय महिला की मौत के बाद हंगामा हो गया. परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद कारण स्पष्ट होगा.

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  • नालंदा जिले में बंध्याकरण ऑपरेशन के दौरान लगातार महिलाओं की मौत हो रही है जिससे स्वास्थ्य सेवा पर सवाल उठे
  • हिलसा अनुमंडलीय अस्पताल में महिला की बंध्याकरण ऑपरेशन के बाद मौत हो गई, जिससे परिजन और ग्रामीण भड़क उठे
  • डॉक्टरों की लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजन ने कहा कि महिला ऑपरेशन से पहले पूरी तरह स्वस्थ थीं
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नांलदा:

बिहार के नालंदा जिले में बंध्याकरण ऑपरेशन के दौरान लगातार महिलाओं की मौत हो रही है. जिससे मृतक के परिजन स्वास्थ्य सेवा पर सवाल उठा रहे हैं. ताजा घटना मंगलवार को हिलसा अनुमंडलीय अस्पताल में हुई. जहां बंध्याकरण ऑपरेशन के दौरान महिला की जान चली गई. मौत के बाद परिजनों ने आंसू बहाते हुए हंगामा किया. मृतका हिलसा थाना क्षेत्र के मल बिगहा गांव निवासी इंदल विन्द की 28 वर्षीया पत्नी पिंकी देवी है.

मौत के बाद परिजन व ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी

मौत की खबर फैलने पर अस्पताल परिसर में परिजन व ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए लोग हंगामा करने लगे. परिजनों ने बताया कि बुधवार कि सुबह करीब 10 बजे गांव की आशा कर्मी धर्मशीला देवी के माध्यम से पिंकी देवी को बंध्याकरण ऑपरेशन के लिए अस्पताल लाया गया था. दोपहर करीब 12 बजे उसे भर्ती किया गया और आवश्यक स्वास्थ्य जांच के बाद ऑपरेशन कक्ष में ले जाया गया.

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महिला की बंध्याकरण के बाद मौत

ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक वंदना कुमारी द्वारा ऑपरेशन किया गया. करीब दो बजे महिला को बेहोशी की हालत में ओटी से बाहर लाया गया. परिजनों का आरोप है कि काफी देर तक महिला के शरीर में कोई हरकत नहीं हुई. इस पर जब डॉक्टर से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कुछ देर में होश आ जाएगा. हालत बिगड़ती देख परिजनों ने दोबारा डॉक्टर से देखने की गुहार लगाई. इसके बाद नब्ज जांचते ही डॉक्टर ने महिला को मृत घोषित कर दिया. परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन से पहले पिंकी देवी पूरी तरह स्वस्थ थीं. डॉक्टर की लापरवाही के कारण उनकी जान चली गई.

महिला की मौत की सूचने पर आई पुलिस 

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई. पुलिस परिजनों को समझाने में जुट गई. परिजन दोषी चिकित्सक व कर्मी पर कार्रवाई करने की मांग कर रहे थे. अस्पताल उपाधीक्षक एस.के.सुधाकर ने बताया कि बंध्याकरण ऑपरेशन के बाद महिला की मौत हुई है. मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद होगा. आश्रित को चार लाख का सरकारी लाभ उपलब्ध कराया जाएगा.

बंध्याकरण से लगातार हो रही मौत 

बंध्याकरण ऑपरेशन से जिले में लगातार मौत हो रही है. जिससे लोग सरकारी स्वास्थ्य सेवा पर सवाल उठा रहे हैं. दिसंबर माह में एकंगरसराय के सरकारी अस्पताल में ईएनटी के डॉक्टर ने महिला का बंध्याकरण ऑपरेशन कर दिया था. जिससे उनकी हालत बिगड़ गई. इलाज के दौरान पटना में महिला की मौत हो गई. आक्रोशित परिजनों ने एकंगरसराय अस्पताल में खूब हंगामा किया था. इसके पूर्व गिरियक सीएचसी में भी बंध्याकरण ऑपरेशन के बाद मरकट्‌टा निवासी छोटू मांझी की पत्नी की मौत हो गई थी.

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रिपोर्टिंग नहीं होने से नहीं मिला सरकारी लाभ

गिरियक सीएचसी में बंध्याकरण ऑपरेशन के बाद महिला की मौत की रिपोर्टिंग नहीं की गई. ऐसा डॉक्टर अपनी गलती छिपाने के लिए किए, जिस कारण मृतका का परिवार विभागीय लाभ से वंचित रह गया. इसके बाद 24 जनवरी को परबलपुर में बंध्याकरण ऑपरेशन के बाद एक महिला की जान गई.

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चार बच्चों की कैसे होगी परवरिश, चीत्कार मार रो पड़ी

मृतका चार बच्चों की मां थीं. पति बेंगलुरु में रहकर मजदूरी करते हैं. बहू के शव से लिपटकर सास का रो-रोकर बुरा हाल हैं. बुजुर्ग महिला ने बताया कि अब तीन पौत्री और एक पौत्र का पालन-पोषण कैसे होगा.

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