समोसे के पैसे न मिलने पर बच्चे ने रची ऐसी कहानी, सुनकर पुलिस के भी उड़ गए होश

बच्चे की बात सुनकर सभी हैरान रह गए. एक छोटी सी नाराजगी ने उसे चोरी जैसे गलत कदम तक पहुंचा दिया. यही कारण है कि पुलिस ने इस मामले को केवल बरामदगी नहीं, बल्कि बच्चों को सीख देने वाला मामला बताया.

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  • बिहार के बगहा से एक 14 वर्षीय बच्चे ने मात्र 20 रुपये की नाराजगी में घर छोड़कर भागने का फैसला किया.
  • बच्चे ने मां के पर्स से 500 रुपये चोरी कर लिए और बिना किसी को बताए अकेले कई शहरों की यात्रा की.
  • बच्चा नरकटियागंज, गोरखपुर, लखनऊ, गोंडा होते हुए प्रयागराज तक बिना टिकट ट्रेन से पहुंचा था.
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बिहार के बगहा से एक 14 वर्षीय बच्चे की ऐसी कहानी सामने आई है, जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया. बच्चे की जुबानी उसकी पूरी कहानी सुनकर बगहा एसपी भी हैरान रह गईं. इस बच्चे की कहानी में मासूमियत भी है और जिद भी. आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि मात्र 20 रुपये के लिए इस मासूम बच्चे ने क्या-क्या कदम उठा लिए. सिर्फ 20 रुपये की वजह से पूरा परिवार और बगहा पुलिस सकते में आ गई और 8 दिनों तक पुलिस की नींद उड़ी रही.

इस पूरे मामले की शुरुआत केवल 20 रुपये से हुई. बच्चा समोसा खाना चाहता था और उसने अपनी मां से 20 रुपये मांगे. लेकिन उस समय मां ने पैसे देने से मना कर दिया. बच्चा इस बात से बहुत नाराज हो गया. उसकी उम्र कम थी और समझ भी कमी. इसलिए उसने गुस्से में गलत फैसला ले लिया. उसने सोचा कि जब उसकी बात नहीं मानी जा रही, तो वह घर छोड़ देगा.यही छोटी सी जिद पूरे परिवार के लिए बड़ी मुसीबत बन गई. 

मम्मी के पर्स से 500 रुपये निकालकर भाग गया

गुस्से में बच्चे ने चुपचाप अपनी मां के पर्स से 500 रुपये निकाल लिए. उसने सोचा कि इन पैसों से वह बाहर रह सकेगा और अपनी जरूरतें पूरी कर लेगा, बिना किसी को बताए वह घर से निकल गया. बाद में जब पुलिस ने उसे बरामद किया और प्रभारी एसपी निर्मला कुमारी ने उससे बात की, तो बच्चे ने खुद स्वीकार किया की मम्मी के पर्स से 500 रुपये निकाले थे. बच्चे की यह बात सुनकर सभी हैरान रह गए. एक छोटी सी नाराजगी ने उसे चोरी जैसे गलत कदम तक पहुंचा दिया. यही कारण है कि पुलिस ने इस मामले को केवल बरामदगी नहीं, बल्कि बच्चों को सीख देने वाला मामला बताया.

बिना टिकट कई शहरों तक पहुंच गया बच्चा

घर छोड़ने के बाद बच्चा पहले नरकटियागंज पहुंचा. वहां से उसने बिना टिकट ट्रेन पकड़ ली और गोरखपुर चला गया. इसके बाद उसने दूसरी ट्रेन पकड़ी और लखनऊ पहुंच गया.लखनऊ से वह गोंडा गया और फिर वहां से प्रयागराज पहुंच गया. इतनी कम उम्र में अकेले कई शहरों की यात्रा करना बेहद खतरनाक था. रास्ते में उसके साथ कोई भी अनहोनी हो सकती थी.

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रामनगर SDPO रागिनी कुमारी ने इस मामले में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने तकनीकी जांच और मोबाइल टॉवर लोकेशन के जरिए बच्चे की तलाश तेज की जांच के दौरान पता चला कि बच्चे का मोबाइल प्रयागराज रेलवे स्टेशन के पास ऑन हुआ है. यह पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग साबित हुआ.तुरंत प्रयागराज रेलवे स्टेशन की रेलवे पुलिस से संपर्क किया गया. वहां की पुलिस ने तेजी दिखाते हुए बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया और इसकी सूचना बगहा पुलिस को दी.इस तरह पुलिस की मेहनत रंग लाई और बच्चा सुरक्षित अपने परिवार तक वापस पहुंच गया.

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