- कटिहार रेलवे स्टेशन पर तेज बारिश के कारण प्लेटफॉर्म और स्टेशन परिसर में भारी जलभराव हो गया.
- प्लेटफॉर्म नंबर एक की छत से लगातार पानी टपक रहा था, जिससे ऐसा लग रहा था मानो झरना बह रहा हो.
- जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह असफल रही, जिससे प्लेटफॉर्म पर पानी जमा हो गया.
बिहार के कटिहार में हुई तेज बारिश ने रेलवे प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी है. लगातार बारिश के चलते स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म पर भारी जलभराव हो गया, जिससे यात्रियों को आवागमन में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ा. हालात इतने खराब हो गए कि प्लेटफॉर्म की छत से झरने की तरह पानी टपकता नजर आया. इस दौरान स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और यात्री खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागते दिखाई दिए.
भारी बारिश के कारण एनएफ रेलवे के कटिहार रेल डिवीजन स्थित स्टेशन की व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमराती नजर आईं. प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर यात्री शेड से लगातार तेज धार में पानी गिरता रहा, मानो कोई झरना बह रहा हो. जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण प्लेटफॉर्म पर पानी जम गया, जिससे यात्रियों को खड़े रहने और आगे बढ़ने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. इस तस्वीर ने साफ कर दिया कि बारिश में ही रेलवे का इंफ्रास्ट्रक्चर जवाब दे रहा है.
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि प्लेटफॉर्म की छत से पानी लगातार बह रहा है, जबकि नीचे लाइटें जल रही हैं और बिजली की तारें भी मौजूद हैं. ऐसे में करंट फैलने का खतरा भी बना रहा, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा होता है. इस घटना ने ना सिर्फ रेलवे प्रशासन की लापरवाही उजागर की है, बल्कि सुरक्षा मानकों की स्थिति को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है. फिलहाल इस मामले पर रेलवे की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे सवाल और भी गहरा गया है.
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