बिहार में रिश्वतखोरी के खिलाफ निगरानी विभाग (Vigilance) अभियान चला रहा है. लगातार अलग-अलग जिलों में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई कर अधिकारी और कर्मचारियों को पकड़ा जा रहा है. इसी कड़ी में निगरानी विभाग सीतामढ़ी में हो रहे भ्रष्टाचार पर पैनी नजर बनाए हुए हैं. इसके तहत एक हफ्ते में भ्रष्टाचार के खिलाफ दूसरी कार्रवाई की है. जिसमें एक जूनियर इंजीनियर (JE) को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है. निगरानी टीम ने ट्रैप कर JE को पकड़ा है.
सीतामढ़ी में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. पुपरी नगर परिषद कार्यालय में तैनात जूनियर इंजीनियर (JE) विजय कुमार शर्मा को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है.
145000 रुपये की रिश्वत JE ने ली
मिली जानकारी के अनुसार, विजय कुमार शर्मा ने एक मामले में संवेदक को अनुचित सुविधा देने के बदले पीड़ित से एक लाख पैंतालीस हजार (145000) रुपये की रिश्वत ली. निगरानी टीम ने मौके पर छापा मारकर JE को रंगे हाथ पकड़ा. इस कार्रवाई की खबर से इलाके में हड़कंप की स्थिति मच गई.
पद का कर रहा था दुरुपयोग
बताया जा रहा है कि जूनियर इंजीनियर विजय कुमार शर्मा लंबे समय से अपने पद का दुरुपयोग करते हुए भ्रष्टाचार कर रहे थे. निगरानी विभाग की सतर्कता और समय पर कार्रवाई के कारण ही यह मामला सामने आया और रिश्वतखोरी का पर्दाफाश हुआ. हालांकि स्थानीय स्तर पर यह चर्चा जोरों पर है कि रिश्वत का यह पैसा नगर परिषद के अधिकारी से लेकर कार्यालय के सभी कर्मियों में वितरण होना था.
एक हफ्ते में दूसरी कार्रवाई
सीतामढ़ी में एक हफ्ते में निगरानी विभाग की दूसरी कार्रवाई है, इससे पहले पुपरी में निगरानी विभाग की टीम ने सर्किल इंस्पेक्टर कार्यालय में तैनात रीडर गोबिन्द कुमार को 20 हजार रिश्वत लेते दबोचा था. लगातार हो रही निगरानी के कार्रवाई के बावजूद रिश्वत लेने से सरकारी कर्मी बाज नहीं आ रहे हैं. फिलहाल जूनियर इंजीनियर को निगरानी की टीम दबोच कर पटना ले गई है.
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