Bihar News: बिहार के गोपालगंज जिले की बैकुंठपुर थाना पुलिस ने शुक्रवार देर रात सिंहासिनी गांव में रेड करके 8 लोगों को गिरफ्तार किया है. इन सभी पर भोले-भाले लोगों को 'नोट दोगुना' करने का झांसा देकर उनसे ठगी करने का आरोप है. रेड के दौरान आरोपियों के ठिकाने से पुलिस को 95 लाख रुपये से अधिक की नकदी, एक नोट गिनने वाली मशीन, काले रंग के कागजों से भरी पेटियां और कैन में भरा विभिन्न प्रकार का केमिकल भी बरामद हुआ है.
'काले कागज पर केमिकल छिड़कर असली नोट जैसा दिखाते थे'
गोपालगंज एसपी विनय तिवारी के शनिवार सुबह इस गिरोह का खुलासा करते हुए बताया, 'यह गिरोह उन लोगों को अपने जाल में फंसाता था जो कम समय में ज्यादा पैसा कमाना चाहते थे. जब कोई उनके बहकावे में आ जाता था तो आरोपी डेमो के जरिए उनके विश्वास को यकीन में बदलते थे. वे काले कागज के टुकड़ों पर एक खास केमिकल छिड़कते थे, जिससे वो असली नोट जैसा लगने लगता था. इसके बाद लोग अपनी क्षमता से ज्यादा पैसे आरोपियों को दे देते थे, जिसे लेकर बाद में वे फरार हो जाते थे.'
करोड़ों रुपये की ठगी की आशंका, दूसरे राज्यों में भी फैले तार
एसपी के मुताबिक, 'इस गिरोह ने अब तक कई लोगों को अपना शिकार बनाया है और उनसे करोड़ों रुपये की ठगी की है. हमें शक है कि इस गिरोह के कार दूसरे जिलों और राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं. अब हम पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ करके अब इनके पूरे नेटवर्क का पता लगाएंगे. फिलहाल इन सभी पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.'
बंगाल का निकला मास्टरमाइंड, स्थानीय लोग कर रहे थे मदद
बताते चलें कि गिरफ्तार किए गए 8 आरोपियों में पश्चिम बंगाल के वर्द्धमान जिले का फरद हुसैन शामिल है, जिसे इस गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड बताया जा रहा है. इसके अलावा पकड़े गए आरोपियों में पूर्वी चंपारण जिले के कैसर आलम, सारण जिले के सौरव कुमार और नंदकिशोर राय, सिवान के सुरेश कुमार सुमन के रूप में हुई है. ये सभी गोपालगंज निवासी अमित कुमार, प्रदीप राय और कामेश्वर राय की मदद से यह नेटवर्क चला रहा थे.
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