- वैशाली की सिविल कोर्ट में अपहरण के आरोपी पवन कुमार ने जेल भेजे जाने के डर से पहली मंजिल से छलांग लगा दी
- पहली मंजिल से कूदने के बाद पवन कुमार ने तालाब में छिपकर खुद को बचाने की कोशिश की और आत्महत्या की धमकी दी
- आरोपी ने कोर्ट परिसर के पीछे स्थित गहरे तालाब में पानी और झाड़ियों के बीच कई घंटे बिताए और पुलिस से छिपा रहा
बिहार के वैशाली जिले से एक बेहद अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए एक आरोपी ने मौत की परवाह किए बिना अदालत की पहली मंजिल से छलांग लगा दी. अपहरण के मामले में पेशी के लिए आया देसरी का पवन कुमार उस वक्त आपा खो बैठा जब उसे पता चला कि आज उसे जेल जाना होगा. इसके बाद वह पहली मंजिल से कूद गया और घंटों तक तालाब में छिपा रहा. लेकिन आखिरकार पुलिस ने उसे ढूंढ निकाला.
पहली मंजिल से कूदा और तालाब में छिपा रहा
मामला वैशाली की हाजीपुर सिविल कोर्ट का है, जहां अपहरण के आरोप में गिरफ्तार पवन कुमार कोर्ट की पहली मंजिल पर अपनी पेशी का इंतजार कर रहा था. जैसे ही उसे आभास हुआ कि उसे जेल भेज दिया जाएगा तो उसने सुरक्षाकर्मियों को चकमा दिया और सीधे पहली मंजिल से नीचे कूद गया.
कूदने के बाद चोट की परवाह किए बिना वह तेजी से भागा और कोर्ट परिसर के पीछे स्थित एक गहरे तालाब में जा गिरा. वह खुद को बचाने के लिए काफी देर तक पानी और झाड़ियों के बीच डूबा रहा. फिर कांच की बोतल अपने गर्दन पर लगा कर आत्महत्या करने की धमकी भी दी.
काफी मशक्कत के बाद आया बाहर
उसे बाहर निकालने में पुलिस को काफी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. पुलिस ने उसे बाहर निकालने के लिए काफी घेराबंदी की लेकिन वह बाहर आने को तैयार नहीं था. आखिरकार पुलिस ने उसने समझाया और भरोसा दिलाया कि उसे जमानत मिल जाएगी, जिसके बाद वह बाहर आने को राजी हुआ. काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने उसे तालाब से बाहर निकाला और हिरासत में ले लिया. इस पूरी घटना के दौरान कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा.














