34 साल पहले किये गुनाह की सजा 85 की उम्र में मिली, कोर्ट ने दी 3 साल की कैद

Bihar News: बिहार के वैशाली में 34 साल पुराने मामले में कोर्ट ने एक 85 साल के वृद्ध को 3 साल की सजा सुनाई . मामला साल 1992 का था.

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Vaishali Viral video Old Man Jail
NDTV

Bihar News: कानून के हाथ लंबे होते हैं और इंसाफ के पहिए भले ही धीमे चलें, लेकिन वे गुनाहगारों को उनके अंजाम तक पहुंचा ही देते हैं. बिहार के वैशाली जिले की एक अदालत ने एक ऐसा ही चौंकाने वाला फैसला सुनाया है. कोर्ट ने 34 साल पुराने एक जानलेवा हमले के मामले में सुनवाई पूरी करते हुए एक 85 साल के बुजुर्ग को दोषी करार देते हुए उसे तीन साल की सजा सुनाई है.

आर्म्स एक्ट में दीप राय दोषी करार

वैशाली के अपर जिला व सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी की अदालत ने इस बेहद पुराने मामले फैसला सुरक्षित रखा था. अदालत ने कल यानी 1 जून को इस केस की सुनवाई पूरी की थी. इसके बाद, आज यानी 2 जून को कोर्ट ने आरोपी वृद्ध दीप राय को 1993 के मामले में आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाते हुए तीन साल की सजा सुनाई.

सभी आरोपियों की हो चुकी है मौत, अकेले भुगतनी होगी सजा

घटना 1992 की है, जहां आपसी झगड़े में एक ही परिवार के 9 लोगों पर एक दंपति पर फायरिंग और जानलेवा हमला करने का केस दर्ज हुआ था. हालांकि, केस की सुनवाई के दौरान ही 9 में से 4 की मौत हो गई, जबकि 5 आरोपी अभी भी जिंदा हैं. इनमें से एक दीप राय उर्फ ​​जीसा राय है. इसी केस में कल यानी 1 जून को सुनवाई पूरी करते हुए जज मनोज कुमार तिवारी ने आर्म्स एक्ट के तहत 5 लोगों को सजा का ऐलान किया, जिसमें 85 साल के दीप राय को 3 साल और बाकी 4 लोगों को 10 साल की कैद और 25000 रुपये का जुर्माना लगाया गया.

क्या था 34 साल पुराना मामला

मामला साल 1992 का है. पुलिस रिकॉर्ड और अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों के मुताबिक, 10 मई 1992 को पीड़ित परिवार ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. जिसमें पीड़ित परिवार ने बताया था कि जब वो अपनी पत्नी के साथ दरवाजे पर बैठे थे तभी आरोपियों ने धारदार हथियारों से उनपर हमला किया था. आरोपियों ने दहशत फैलाने और जान लेने की नीयत से उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी. इस हमले में दंपति बाल-बाल बचे थे, लेकिन वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

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1993 में दाखिल हुई थी चार्जशीट

इस मामले के पीड़ित अदालत राय ने 10 मई 1992 को शिकायत दर्ज कराई थी कि जब वह अपनी पत्नी के साथ दरवाजे पर बैठा था, तो आरोपियों ने हथियारों से लैस होकर उस पर हमला कर दिया. पुलिस ने 1993 में इस केस में चार्जशीट फाइल की और 34 साल बाद अब इस मामले में कोर्ट का फैसला आया जिसमें सजा का ऐलान किया गया.

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