बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का 10 सर्कुलर रोड आवास को खाली करने को लेकर सियासत तेज हो गई है. जहां एक ओर नोटिस जारी करने के बाद भी राबड़ी देवी आवास खाली करने को तैयार नहीं है. वहीं अब इस मामले पक्ष और विपक्ष दोनों तरफ से बहस छिड़ गई है. भवन निर्माण विभाग आवास खाली कराने के नियम समझा रहे हैं तो विपक्ष इसे सरकारी की मनमानी बता रहा है. इन सब के बीच सीएम सम्राट चौधरी का भी इस मामले पर बयान सामने आया है, जिसके बाद बिहार में इस मामले में सियासी बवाल मचना तय माना जा रहा है.
मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार मुजफ्फरपुर पहुंचे सम्राट चौधरी ने खुले मंच से रावड़ी देवी के आवास खाली कराने के मामले को लेकर दिया बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि किसी माई के लाल में यह दम नहीं की आवास को खाली न करें हर हाल में आवास को तो खाली करना ही पड़ेगा.
30 दिन में काम नहीं करने वाले अधिकारी होंगे सस्पेंड
दरअसल बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुजफ्फरपुर के मोतीपुर प्रखंड के गोसाईपुर में पहुंचे थे. जहां उन्होंने सहयोग शिविर में दीप प्रज्वलित कर सहयोग शिविर का उद्घाटन किया. वहीं उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार को जो विकास के रास्ते पर ले जाने का काम किया है, और जो उनका सपना है उसको पूरा करने का काम मैं करूंगा. साथ ही उन्होंने कहा कि तमाम विभाग के अधिकारी मेरे साथ मेरे मंच पर मौजूद हैं और मैं सभी से कहता हूं की सहयोग शिविर में आम लोगों की जो भी शिकायतें आयेगी उसका 30 दिनों के अंदर समाधान होना चाहिए.
सब को अलग-अलग सुरक्षा चाहिए ऐसा नहीं चलेगा
इस दौरान अपने संबोधन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बड़ा राजनीतिक बयान देकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दिया है. जिसमें उन्होंने राबड़ी आवास को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहे पक्ष विपक्ष के राजनीतिक बयान के बाद आज खुले मंच से ऐलान कर दिया है कि आवास तो किसी भी कीमत पर खाली करना पड़ेगा.
सीएम ने राबड़ी देवी का बिना नाम लिए हुए कहा की पति को अलग आवास और सुरक्षा चाहिए, बेटे को अलग सुरक्षा और मां को अलग सुरक्षा चाहिए, तो ऐसा नहीं होता है. सब लोगों को सिस्टम के हिसाब से चलना पड़ेगा. लोकतंत्र में जनता ही मालिक है और जनता जिसको चाहेगी वही मुख्यमंत्री बनेगा और उसी की सरकार बनेगी.
हालांकि मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक भूचाल आना तय माना जा रहा है क्योंकि जिस लहजे में जिस तेवर में उन्होंने बिना राबड़ी देवी के नाम लिए हुए तंज कसते हुए खुला चैलेंज दिया है और आवास खाली कराने की बात कही है. अब आने वाले समय में देखना पड़ेगा की इस बयान के बाद अब विपक्ष क्या करती है.
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