हाजीपुर में चिराग पासवान के कार्यक्रम में हंगामा, कंबल वितरण के दौरान मची अफरा-तफरी, नाराज हुए लोग

हाजीपुर में चिराग पासवान का कंबल वितरण कार्यक्रम अव्यवस्था में बदल गया. भीड़ देखकर चिराग पासवान कार्यक्रम से वापस चले गए.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • चिराग पासवान ने हाजीपुर में अपने पिता रामविलास पासवान की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी
  • कंबल वितरण कार्यक्रम में भारी भीड़ के कारण अफरा-तफरी मची और लोग एक-दूसरे से कंबल छीनने लगे
  • नाराज लोगों ने स्थानीय भाजपा विधायक अवधेश सिंह को घेरकर कंबल वितरण में अव्यवस्था की शिकायत की
नई दिल्ली:

बिहार के हाजीपुर में लंबे समय बाद अपने संसदीय क्षेत्र पहुंचे केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का दौरा चर्चा में रहा. चिराग ने सबसे पहले अपने स्वर्गीय पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. इसके बाद उन्होंने कंबल वितरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जिसकी जानकारी पहले से लोगों को दी गई थी.

सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए. भीड़ इतनी ज्यादा थी कि धक्का-मुक्की शुरू हो गई और लोग एक-दूसरे से कंबल छीनने लगे. चिराग पासवान ने कुछ लोगों को अपने हाथों से कंबल दिए, लेकिन अफरा-तफरी बढ़ती देख वह मौके से निकल गए. जिन लोगों को कंबल नहीं मिला, उनमें नाराजगी देखी गयी. 

नाराज लोगों ने मौके पर मौजूद स्थानीय भाजपा विधायक अवधेश सिंह को घेर लिया और जमकर खरी-खोटी सुनाई. जब लोगों ने शिकायत की कि कार्यक्रम में अव्यवस्था रही और कंबल नहीं मिले, तो विधायक ने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह कार्यक्रम चिराग पासवान का है. इसके बाद उन्होंने हाथ जोड़कर वहां से निकलने में ही भलाई समझी.

कई लोगों ने मीडिया से बात करते हुए नाराजगी जताई. उनका कहना था कि कंबल वितरण के नाम पर बुलाया गया, लेकिन कंबल खास लोगों को ही दिए गए. “क्या वोट सिर्फ वही लोग देते हैं?” एक व्यक्ति ने सवाल उठाया.
दिलचस्प बात यह रही कि कार्यक्रम स्थल से कुछ ही दूरी पर चिराग पासवान ने अपने एक समर्थक के साथ जन्मदिन मनाया और केक काटा.

Advertisement

इस बीच मीडिया से बातचीत में चिराग पासवान ने लैंड फॉर जॉब मामले में लालू परिवार पर आरोप तय होने पर कहा कि यह कानूनी प्रक्रिया है. उन्होंने कहा, “भारत का कानून बहुत सख्त है. जो दोषी होगा, उसे सजा मिलेगी और जो निर्दोष होगा, उसे कुछ नहीं होगा. अदालत ने आरोप तय किए हैं, इसका मतलब अपराध हुआ है.”

Featured Video Of The Day
क्या टूट गई ममता की TMC? बंगाल में ऋतब्रत बनर्जी बने विपक्ष के नेता
Topics mentioned in this article