- देश की कई बेटियां आर्थिक अभाव के कारण अच्छे अंक होने के बावजूद आगे पढ़ाई से वंचित रह जाती हैं
- स्वर्गीय डॉ जय किशोर सिंह की याद में छपरा के बलदेव उच्च विद्यालय में सालाना स्कॉलरशिप प्रोग्राम शुरू किया गया
- पद्म श्री पुरस्कार विजेता डॉ भीम सिंह भावेश ने मेधावी छात्रा दिशा कुमारी को इस स्कॉलरशिप से सम्मानित किया है
अभाव में या कई मजबूरियों के चलते देश की कई बेटियां पढ़ाई से वंचित रह जाती हैं. कई बार तो अच्छे अंक आने के बाद भी वो अभाव के कारण आगे की पढ़ाई नहीं कर पातीं. ऐसे में मशहूर शिक्षाविद और पूर्व प्रिंसिपल और यूनिवर्सिटी प्रोफेसर स्वर्गीय डॉ जय किशोर सिंह की याद में एक सलाना स्कॉलरशिप प्रोग्राम की शुरुआत की गई है. छपरा जिले के दिघवारा प्रखंड के बलदेव उच्च विद्यालय की मेधावी छात्रा दिशा कुमारी को पद्म श्री पुरस्कार विजेता डॉ भीम सिंह भावेश ने इस स्कॉलरशिप से सम्मानित किया. स्कॉलरशिप योजना की शुरुआत करने वालीं डॉ सिंह की पत्नी मीरा सिंह ने कहा कि उनकी इच्छा है कि कोई भी बेटी अभाव में पढ़ाई न छोड़े.
ये पुरस्कार एक प्रोत्साहन- पद्म श्री भीम सिंह
इस अवसर पर भीम सिंह भावेश ने कहा कि समाज के हर सक्षम व्यक्ति को इस तरह की पहल करना चाहिए. उन्होंने कहा कि ये पुरस्कार एक प्रोत्साहन है ताकि अभाव में या किसी कारणवश कोई छात्र पढ़ाई न कर पाए तो इस तरह के स्कॉलरशिप के जरिए बच्चों को आगे की पढ़ाई का अवसर मिले. उन्होंने कहा कि बिहार के मुसहर समुदाय पर करीब से अध्ययन करने और उनको समझने के बाद ये बात उन्हें साफ समझ आ रही है कि अभाव क्या होता है. डॉ भावेश ने साथ ही स्कॉलरशिप पाने वाली दिशा कुमारी को भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दी हैं. दिशा ने बिहार बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में 90 प्रतिशत अंक के साथ स्कूल टॉप किया है.
पिता के प्रयास को आगे बढ़ाने की कोशिश- नंदन सिंह
इस अवसर पर बदलेव उच्च विद्यालय के प्रिसिंपल संजय कुमार मिश्रा ने कहा कि ये बड़ी अच्छी पहल है. इस तरह की पहल से विद्यालय के कमजोर तबके के छात्र-छात्राओं को आगे बढ़ने में कोई मुश्किल नहीं होगी. उन्होंने कहा कि विद्यालय ने पठन-पाठन पर काफी ध्यान देता है. उन्होंने स्कूल में बच्चों के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी. इस अवसर पर डॉ जय किशोर से सिंह के पुत्र नंदन सिंह ने कहा कि वो अपने पिता के प्रयास को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मैं खुद भी इसी विद्यालय का छात्र रहा हूं तो इस पहल के जरिए पिता के प्रयासों को आगे ले जाने की कोशिश कर रहा हूं.
छपरा से रणजीत विजय की रिपोर्ट














