- भागलपुर सरकारी सिटी कॉलेज परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए छात्र व शिक्षक संकरे चचरी पुल का सहारा ले रहे हैं.
- चचरी पुल लगभग बीस फीट गहरी खाई के ऊपर बना है, जिससे बड़ी दुर्घटना का खतरा बना रहता है.
- परीक्षा के दौरान सैकड़ों छात्र-छात्राएं एक साथ इस जर्जर और कम क्षमता वाले पुल से गुजरते हैं.
बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा के चौथे दिन जहां एक ओर प्रशासन कदाचार मुक्त और शांतिपूर्ण परीक्षा के दावे कर रहा है. वहीं, भागलपुर से आई एक तस्वीर इन दावों के बीच सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल रही है. जिले में सामाजिक विज्ञान की परीक्षा के दौरान भागलपुर सिटी कॉलेज केंद्र पर परीक्षार्थियों को अपनी जान जोखिम में डालकर परीक्षा देने पहुंचना पड़ रहा है. गंगा किनारे स्थित इस कॉलेज तक पहुंचने के लिए सड़क की समुचित व्यवस्था न होने के कारण छात्र और शिक्षक महज एक संकरे चचरी पुल का सहारा लेने को मजबूर हैं.
सबसे डरावनी बात यह है कि यह अस्थाई पुल लगभग 20 फीट गहरी खाई के ऊपर बना है. परीक्षा की पहली और दूसरी पाली के दौरान जब सैकड़ों छात्र-छात्राओं की भीड़ एक साथ इस कम क्षमता वाले पुल से गुजरती है, तो पूरे समय किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है. चचरी पुल की स्थिति इतनी जर्जर और संकरी है कि जरा सा संतुलन बिगड़ने या पैर फिसलने पर कोई भी गंभीर दुर्घटना घट सकती है.
परीक्षा केंद्र की इस भौगोलिक चुनौती ने न केवल छात्रों बल्कि उनके अभिभावकों की भी सांसें अटका रखी हैं. स्थानीय निवासियों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि सुरक्षा के बड़े-बड़े इंतजामों के बीच इस बुनियादी समस्या को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. लोगों ने मांग की है कि परीक्षा के शेष दिनों के लिए तत्काल कोई सुरक्षित वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराया जाए ताकि परीक्षार्थी बिना किसी भय के अपने भविष्य की परीक्षा दे सकें.
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