- बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने आज जनता दल (यूनाइटेड) की सदस्यता ग्रहण की
- सदस्यता लेने के बाद निशांत ने मुख्यमंत्री आवास पर अपने पिता को मिठाई खिलाई और महावीर मंदिर में पूजा की
- निशांत ने मंदिर पूजा के बाद हाई कोर्ट स्थित मजार पर चादर चढ़ाकर सेक्युलर राजनीति जारी रखने का संकेत दिया
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने आज जनता दल (यूनाइटेड) की सदस्यता ले ली. जेडीयू की सदस्यता लेने के बाद निशांत मुख्यमंत्री आवास पहुंचे और अपने पिता नीतीश कुमार को मिठाई खिलाई. इसके बाद वह पूजा करने के लिए महावीर मंदिर पहुंचे, यहां से हाई कोर्ट स्थित मजार पर चादर भी चढ़ाई. महावीर मंदिर में उनके साथ धार्मिक न्यास बोर्ड के सदस्य सायन कुणाल थे. वहीं, मजार पर सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन मोहम्मद इरशाद उल्लाह साथ दिखाई दिए. पहले मंदिर में पूजा और फिर मजार पर चादर चढ़ाकर उन्होंने संकेत दिया कि निशांत भी अपने पिता नीतीश कुमार की तरह ही अपनी राजनीति जारी रखेंगे.
नीतीश की तरह निशांत भी सेक्युलर छवि बना रहे!
नीतीश कुमार ने हमेशा अपनी छवि एक सेक्युलर नेता की रखी. भाजपा के साथ सरकार में रहने के बावजूद उन्होंने अपनी यह छवि कायम रखी. राज्यपाल के अभिभाषण से लेकर बजट सत्र के दौरान बोलते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कब्रिस्तानों की घेराबंदी और मंदिरों की सुरक्षा को अपनी उपलब्धि बताते रहे हैं.
विधानसभा में उन्होंने कहा था कि हमने हिन्दू-मुस्लिम सबके लिए काम किया है. राज्य में 2006 से ही कब्रिस्तानों की घेराबंदी हो रही है. राज्य की मिली जुली आबादी और संवेदनशील इलाकों में सबसे पहले यह काम किया गया. इससे समाज में शांति का वातावरण कायम है. 2016 के बाद से हिंदू मंदिरों की घेराबंदी का काम भी किया है. ताकि मंदिरों में चोरी की घटनाएं कम हो जाएं.
इसके अलावा उन्होंने अल्पसंख्यक छात्रावास, स्कॉलरशिप के जरिए भी अल्पसंख्यक समुदाय को साधने का प्रयास किया. निशांत अपने पॉलिटिकल एंट्री के पहले दिन उसी राह पर चलते दिखे.
24 मिनट इंतजार किया, संजय झा ने दिलायी सदस्यता
निशांत 1 बजकर 7 मिनट पर जेडीयू दफ्तर के सभागार में पहुंचे. इसके बाद नेताओं ने काफी देर इंतजार किया. करीब 24 मिनट के बाद 1 बजकर 31 मिनट पर जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने उन्हें सदस्यता दिलाई. निशांत ने कहा कि पार्टी ने जो भरोसा उन पर जताया है, उस पर वे खरे उतरेंगे. नीतीश कुमार के किए काम को जन जन तक पहुंचाएंगे.














