Sheikhpura News: बिहार की राजनीति में इन दिनों कयासों का दौर अपने चरम पर है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा (Nitish Kumar Rajya Sabha) जाने की खबरों के बीच प्रदेश की अगली कमान (Bihar Next CM) किसके हाथ में होगी, यह सवाल हर किसी की जुबां पर है. इसी कड़ी में जब बिहार सरकार की पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा कल्याण मंत्री रमा निषाद (Rama Nishad) शुक्रवार शाम शेखपुरा पहुंचीं, तो मीडिया ने उनसे सीधे तौर पर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सवाल किया. मंत्री ने इस संवेदनशील मुद्दे पर कोई भी स्पष्ट बयान देने के बजाय बहुत ही चतुराई से पल्ला झाड़ लिया.
मंत्री ने दिया डिप्लोमेटिक जवाब
मीडिया से बातचीत के दौरान जब मंत्री रमा निषाद से मुख्यमंत्री पद के दावेदारों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बस इतना कहा कि यह विषय पूरी तरह से शीर्ष नेतृत्व का है और ऊपर से जो भी निर्णय होगा, वही मान्य किया जाएगा. उनके इस बयान ने सियासी पंडितों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या पर्दे के पीछे किसी बड़े फेरबदल की स्क्रिप्ट तैयार हो चुकी है? बिहार के भविष्य पर चुप्पी साधने वाली मंत्री ने हालांकि पश्चिम बंगाल के चुनावों को लेकर जमकर बयानबाजी की और दावा किया कि बंगाल में इस बार प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे पर भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनेगी.
मंत्री रमा निषाद के बारे में जानिए
रमा निषाद की राजनीतिक पहचान केवल एक मंत्री के रूप में नहीं, बल्कि बिहार के एक प्रतिष्ठित सियासी परिवार की विरासत के रूप में देखी जाती है. वह मुजफ्फरपुर के दिग्गज नेता रहे कैप्टन जयनारायण निषाद की बहू हैं. कैप्टन जयनारायण निषाद का मुजफ्फरपुर क्षेत्र और निषाद/मल्लाह समुदाय पर जबरदस्त प्रभाव था. जब वे राजनीति से दूर हुए, तो उनकी जगह उनके बेटे अजय निषाद ने ली, जो मुजफ्फरपुर से स्थापित सांसद के रूप में अपनी मजबूत पकड़ रखते हैं. रमा निषाद ने इसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए औराई विधानसभा सीट से जीत दर्ज की और अब कैबिनेट मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं.
परिवार और समुदाय का मजबूत मेल
रमा निषाद की यात्रा बिहार की उस राजनीति को दर्शाती है जहां समुदाय और परिवार का भरोसा सबसे बड़ा आधार होता है. औराई की जनता के लिए रमा निषाद कोई नया चेहरा नहीं थीं, बल्कि वे उस परिवार की प्रतिनिधि के रूप में सामने आईं, जिसे क्षेत्र के लोग दशकों से जानते और मानते आ रहे थे. निषाद समुदाय का बिहार में एक प्रभावी वोट बैंक है, और रमा निषाद इसी समुदाय और अपने ससुर कैप्टन जयनारायण निषाद द्वारा बनाए गए विश्वास के दम पर आज बिहार की राजनीति में एक निर्णायक भूमिका निभा रही हैं. शेखपुरा में उनके बयानों ने साफ कर दिया है कि वे अपनी पारिवारिक विरासत के साथ-साथ पार्टी के अनुशासन को भी बखूबी समझती हैं.
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