बिहार: थाने में घुसने लगी उग्र भीड़, जान बचाने के लिए लेडी SHO ने तानी पिस्तौल, खगड़िया बवाल की कहानी

बिहार के खगड़िया जिले के मोरकाही थाने में आरोपी सौरव कुमार की नदी में डूबने से हुई मौत के बाद भारी हंगामा हुआ. उग्र भीड़ को रोकने के लिए थानाध्यक्ष ने पिस्टल तान दी.

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Bihar Crime News
NDTV

Bihar News: बिहार के खगड़िया जिले में पुलिस दबिश के दौरान एक आरोपी युवक की नदी में डूबने से हुई मौत के बाद शनिवार को भारी बवाल खड़ा हो गया.आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने जिले के मोरकाही थाना परिसर में को घेरकर जमकर उत्पाद मचाया और थाने के भीतर घुसने की कोशिश की. इस दौरान हालात इतने बेकाबू हो गए कि कानून-व्यवस्था बहाल करने और आत्मरक्षा के लिए थानाध्यक्ष (SHO) को अपनी सर्विस पिस्टल तक ताननी पड़ गई.

थानाध्यक्ष  ने परिजनों पर तान दी पिस्टल 

मामले की गंभीरता को देखते हुए, थानाध्यक्ष अंतिमा कुमारी ने आत्मरक्षा में परिवार वालों पर अपनी पिस्तौल तान दी. इसके बाद परिजनों और पुलिस के बीच तीखी बहस और हाथापाई शुरू हो गई. मामला शांत होने के बजाय बढ़ता गया. हालात ऐसे हो गए कि कुछ देर बाद बड़ी संख्या में समर्थक और परिवार वाले थाना परिसर के बाहर जमा होकर विरोध करने लगे थे.

SDO और SDPO भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे

थाने में बवाल की सूचना मिलते ही सदर SDO धनंजय कुमार और सदर SDPO 1 मुकुल रंजन दल बल के साथ आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों को समझाने थाना पहुंचे. जहां आला अधिकारियों ने मोर्चा संभालते हुए उग्र भीड़ और परिजनों को शांत कराया। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार की दलीलें सुनीं और उन्हें लिखित आवेदन देने को कहा है.

पुलिस के खदेड़ने से नदी में डूबा युवक, बचाने का नहीं किया प्रयास?

परिजनों का सीधा और गंभीर आरोप है कि शुक्रवार की रात मोरकाही थाना पुलिस आरोपी सौरव कुमार को गिरफ्तार करने के लिए उसके घर पहुंची थी. पुलिस को देखते ही सौरव अपनी जान बचाने के लिए भागा. परिजनों के मुताबिक, पुलिसकर्मियों द्वारा खदेड़े जाने के दौरान सौरव पास ही स्थित मालती नदी में कूद गया . वह पानी में डूबता रहा, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे बचाने की कोई कोशिश नहीं की, जिसके कारण उसकी मौत हो गई.

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प्रशासन का आश्वासन

सदर एसडीपीओ मुकुल रंजन ने परिजनों को भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। यदि दबिश देने गई पुलिस टीम की ओर से लापरवाही या दोषी आचरण की पुष्टि होती है, तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. 

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