- पूर्व CM नीतीश कुमार ने कहा कि वे दिल्ली में केवल संसदीय कार्यों के लिए रहेंगे, बाकी समय बिहार में बिताएंगे.
- नीतीश कुमार और उनके बेटे निशांत दोनों बिहार का दौरा करेंगे, जिससे पार्टी और विकास कार्यों को बल मिलेगा.
- जनता दल यूनाइटेड की विधायक दल की बैठक में नीतीश कुमार को नेता के चयन के लिए अधिकृत किया गया है.
BIhar Politics: पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके बेटे निशांत दोनों बिहार का दौरा करेंगे. आज जनता दल यूनाइटेड (JDU) की विधायक दल की बैठक में नीतीश कुमार ने कहा कि वे सिर्फ संसदीय कार्यों के लिए दिल्ली में रहेंगे. बाकी समय वे बिहार में रहेंगे. वे बिहार का दौरा करेंगे. जो काम उन्होंने शुरू किया था, वह तेजी से हो यह सुनिश्चित करेंगे. मुख्यमंत्री रहते हुए वे अलग-अलग परियोजनाओं के निरीक्षण के लिए निकलते थे. मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से ठीक एक दिन पहले भी वे सारण गए थे. वहां उन्होंने पटना-बेतिया एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण किया था. बीते कुछ महीनों से वे अक्सर ऐसा करते थे. अब वे मुख्यमंत्री नहीं हैं, लेकिन उन्होंने फिर भी बिहार के दौरे पर निकलने का ऐलान किया है. इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं.
विधायकों को भरोसा देने की कोशिश, निशांत के लिए जमीन तैयार
जनता दल यूनाइटेड ने आज विधानमंडल दल की बैठक बुलाई थी. इसमें नेता का चयन होना था. लेकिन आज भी नेता का चयन नहीं हुआ. नीतीश कुमार को नेता के चयन के लिए अधिकृत कर दिया गया. इसी विधायक दल की बैठक में नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी नजर पूरी तरह से बिहार पर रहेगी. विधायकों से क्षेत्र में रहने को कहा और यह भी कहा कि विकास के काम और भी तेजी से होंगे.
नीतीश के इस्तीफे को लेकर नाराजगी
नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के कारण उनके समर्थकों में नाराजगी है. जदयू के भविष्य को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं. कई विधायकों को लग रहा है कि पहले जदयू का मुख्यमंत्री होने से उनके काम जल्दी होते थे अब उसमें देर होगी. ऐसे में नीतीश कुमार ने यह फैसला किया है. वे विकास कार्यों का जायजा लेने के साथ - साथ पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं से भी मिलेंगे. इसके साथ ही वे निशांत के लिए भी जमीन तैयार करेंगे.
JDU विधानमंडल की बैठक में विधायकों को संबोधित करते पूर्व सीएम नीतीश कुमार.
सीएम से इस्तीफे के बाद नीतीश की यात्रा के मायने
वरिष्ठ पत्रकार रवि उपाध्याय कहते हैं कि नीतीश कुमार ने यह फैसला काफी सोच समझकर लिया है. इस फैसले से नीतीश कुमार के समर्थक वर्ग में यह संदेश जाएगा कि वे बिहार में सक्रिय हैं. भाजपा-जदयू की साझा सरकार उनके मार्गदर्शन में चल रही है. ऐसे में विपक्ष के लिए जदयू के मतदाताओं में सेंधमारी का मौका नहीं मिलेगा. साथ ही इस यात्रा के जरिए नीतीश, निशांत के लिए भी जमीन तैयार करेंगे.
अगले महीने बिहार दौरे पर निकलेंगे निशांत
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत भी अगले महीने से अपनी यात्रा शुरू कर सकते हैं. जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में उनके यात्रा की रूपरेखा तय की जाएगी. निशांत ने पार्टी में यह साफ किया है कि वे पहले बिहार को, पार्टी - संगठन को समझेंगे तभी कोई जिम्मेदारी लेंगे. इसलिए उन्होंने डिप्टी सीएम बनने से इनकार कर दिया.
इसलिए जनता दल यूनाइटेड उनकी यात्रा को खास बनाने की तैयारियों में जुटा हुआ है. वे पार्टी के पुराने समर्थकों के साथ युवा मतदाताओं को टारगेट करने की कोशिश करेंगे. निशांत बार - बार कह रहे हैं कि उनका लक्ष्य जदयू को और मजबूत करना है. इसलिए नीतीश और निशांत दोनों की यात्रा अहम होगी.
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