पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद से बिहार में नए सीएम को लेकर हलचल जारी है. जानकारी के अनुसार, नीतीश कुमार 13 अप्रैल के बाद बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं. नीतीश कुमार के इस्तीफे से पहले बिहार की राजनीति में नए सीएम के नाम की चर्चा शुरू हो गई है. नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को बिहार का मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग तेज होने लगी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफे की चर्चा के बीच पटना में पोस्टर लगाए गए हैं और निशांत कुमार को 'भविष्य का मुख्यमंत्री' बताया गया है.
पटना में निशांत के समर्थन में पोस्टर
पटना में यह पोस्टर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समर्थकों ने लगाए, जिसमें उनसे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा न देने की अपील भी की. इन पोस्टरों में नीतीश कुमार को जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में फिर से चुने जाने पर बधाई भी दी गई. पोस्टर पर लिखा है, "क्यों कर रहे हैं आप ऐसा विचार, जब बिहारवासियों को स्वीकार नहीं कि आप मुख्यमंत्री पद छोड़ जाएं बाहर." इसके साथ ही पोस्टर पर निशांत कुमार की तस्वीर छपी है, जिसके नीचे लिखा है, "फ्यूचर सीएम ऑफ बिहार."
इससे पहले, जदयू विधायक अनंत सिंह ने खुलकर निशांत कुमार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में समर्थन दिया. मोकामा में मीडिया से बात करते हुए अनंत सिंह ने कहा कि निशांत कुमार में मुख्यमंत्री बनने के सभी गुण हैं और वे एक अच्छे उत्तराधिकारी साबित हो सकते हैं. हालांकि, निशांत कुमार को 'मुख्यमंत्री' बनाए जाने की मांग उस समय और तेज हुई है, जब नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद एमएलसी पद से जल्द इस्तीफा देने की चर्चाएं हैं.
जदयू का भविष्य निशांत के हाथ में हैं...
पटना में निशांत कुमार के समर्थन में पोस्टर लगने के बाद जदयू के कई नेताओं ने उनके मुख्यमंत्री बनाने की मांग भी उठाई है. जदयू के मुख्य प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने शनिवार को साफ तौर पर कह दिया कि जदयू का भविष्य निशांत के हाथ में है. जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने शनिवार को कहा, "जदयू का भविष्य निशांत कुमार के हाथ में है और हर एक दल का शुभचिंतक अपने नेता को बड़ी ऊंचाई पर देखना चाहता है. निशांत कुमार उनके सुपुत्र हैं, जिन्हें 'ग्लोबल थिंकर' कहा गया है. हम लोग भी चाहते हैं कि वे क्लाइमेक्स लीडर बनें."
उन्होंने एक नारा 'जय निशांत, तय निशांत, तीर निशान, तय निशांत' भी दिया. उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद नए मुख्यमंत्री के नामों की चर्चा को लेकर कहा कि बिहार का मुख्यमंत्री कौन होगा, यह इच्छा व्यक्त करने का हम सभी को अधिकार है, लेकिन सर्वानुमति एनडीए के घटक दल में ही होगी. उन्होंने हालांकि इतना जरूर कहा कि यह तय है कि बिहार में जो भी सरकार बनेगी, वह नीतीश कुमार के मॉडल पर ही चलेगी. नीतीश मॉडल ही बिहार की जनता का प्यार का मॉडल है और सद्भाव का मॉडल है.
13 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से देंगे इस्तीफा
राज्यसभा सदस्य चुने के जाने के बाद चर्चा है कि नीतीश कुमार 30 अप्रैल को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे सकते हैं. न्यूज एजेंसी आईएनएस के मुताबिक, नीतीश कुमार ने 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव में जीत दर्ज की है. नीतीश कुमार को संसद के लिए चुने जाने के 14 दिनों के भीतर राज्य विधानमंडल से इस्तीफा देना होता है. मुख्यमंत्री आवास से जुड़े सूत्रों ने दी कि नीतीश कुमार 13 अप्रैल के बाद वे कभी भी मुख्यमंत्री पद छोड़ सकते हैं.
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