महिला सशक्तिकरण की बात, सुरक्षा और आर्थिक मदद का भरोसा... बिहार बजट के केंद्र में हैं महिलाएं

बिहार के बजट में इस बार महिलाओं की आर्थिक मजबूती को लेकर स्वयं सहायता समूहों को बजट में खास महत्व दिया गया है. जीविका जैसी योजनाओं के तहत महिलाओं को छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए ऋण, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता दी जा रही है.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • बिहार सरकार ने महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा और आर्थिक सहायता योजनाओं के लिए बजट में विशेष वृद्धि की है
  • छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति, साइकिल योजना और डिजिटल शिक्षा जैसी बालिका शिक्षा को बढ़ावा दिया गया है
  • स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता देकर महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाई गई है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
पटना:

बिहार बजट में इस बार महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है. सरकार ने महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा और आर्थिक मदद से जुड़ी योजनाओं को न सिर्फ जारी रखा है, बल्कि कई योजनाओं के लिए बजट भी बढ़ाया गया है. इसका साफ उद्देश्य है महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, उन्हें सुरक्षित माहौल देना और समाज व अर्थव्यवस्था में उनकी भागीदारी को और मजबूत करना.महिला सशक्तिकरण की शुरुआत शिक्षा से होती है और इसे सरकार ने बजट में साफ तौर पर स्वीकार किया है. सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं जारी रखी गई हैं. बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए साइकिल योजना, पोशाक योजना और डिजिटल शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं के लिए भी बजट में राशि रखी गई है. सरकार का मानना है कि जब लड़कियां पढ़ेंगी, तभी वे आत्मनिर्भर बनेंगी और समाज आगे बढ़ेगा.

महिलाओं की आर्थिक मजबूती को लेकर स्वयं सहायता समूहों को बजट में खास महत्व दिया गया है. जीविका जैसी योजनाओं के तहत महिलाओं को छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए ऋण, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता दी जा रही है. बजट में इन समूहों के विस्तार और महिलाओं को बाजार से जोड़ने पर जोर दिया गया है. इसका असर गांवों में साफ दिख रहा है, जहां महिलाएं अब घर की जिम्मेदारी के साथ कमाई में भी योगदान दे रही हैं.
कामकाजी महिलाओं की जरूरतों को भी बजट में समझा गया है.

शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में काम करने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्यस्थल, प्रशिक्षण केंद्र और कौशल विकास योजनाओं को आगे बढ़ाया गया है. सरकार चाहती है कि महिलाएं केवल घरेलू काम तक सीमित न रहें, बल्कि नौकरी, स्वरोजगार और व्यवसाय में भी बराबरी से आगे बढ़ें. महिला सुरक्षा बजट का एक अहम हिस्सा रही है. पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ महिला थानों, हेल्पलाइन और त्वरित सहायता सेवाओं के लिए धन का प्रावधान किया गया है. महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरे, साइबर निगरानी और विशेष पुलिस इकाइयों को भी बजट का समर्थन मिला है. सरकार का लक्ष्य है कि महिलाएं घर से बाहर निकलते समय खुद को सुरक्षित महसूस करें.

स्वास्थ्य के क्षेत्र में महिलाओं के लिए विशेष योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है. मातृत्व स्वास्थ्य, गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, पोषण और सुरक्षित प्रसव से जुड़ी योजनाओं के लिए पर्याप्त राशि रखी गई है. सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में महिलाओं के इलाज की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया गया है, ताकि उन्हें समय पर सही इलाज मिल सके.गरीब और जरूरतमंद महिलाओं के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को भी मजबूत किया गया है. विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन और असहाय महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता योजनाएं जारी रखी गई हैं.

इससे उन महिलाओं को सहारा मिलता है जिनके पास आय का कोई स्थायी साधन नहीं है और वे सम्मान के साथ जीवन जी सकती हैं. बजट में महिलाओं के लिए आवास और बुनियादी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया गया है.आवास योजनाओं में महिलाओं के नाम पर घर देने की व्यवस्था को बढ़ावा दिया गया है. इससे महिलाओं को न केवल सुरक्षित छत मिलती है, बल्कि उन्हें संपत्ति का अधिकार भी मिलता है, जो सामाजिक रूप से बड़ा बदलाव है.

ग्रामीण महिलाओं के जीवन को आसान बनाने के लिए पेयजल, शौचालय और स्वच्छता से जुड़ी योजनाओं को भी बजट का समर्थन मिला है. इन सुविधाओं का सीधा असर महिलाओं के स्वास्थ्य, समय और आत्मसम्मान पर पड़ता है. सरकार मानती है कि बुनियादी सुविधाएं मिलने से महिलाओं का जीवन स्तर बेहतर होता है. कुल मिलाकर, बिहार बजट में महिलाओं को केवल लाभ लेने वाली नहीं, बल्कि विकास की भागीदार के रूप में देखा गया है. शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सहायता जैसे हर क्षेत्र में महिलाओं के लिए योजनाएं रखी गई हैं. यह बजट साफ संदेश देता है कि जब तक महिलाएं सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर नहीं होंगी, तब तक राज्य का विकास अधूरा रहेगा.

यह भी पढ़ें: नीतीश सरकार ने पेश किया 3,47,589 करोड़ का बजट, बिहार बजट की बड़ी बातें जानिए

Advertisement
Featured Video Of The Day
Supreme Court में 'वकील' बन Mamata Banerjee ने दीं SIR पर दलीलें, कहा- बंगाल को टारगेट..| Breaking
Topics mentioned in this article