बिहार बजट: महिला सशक्तिकरण, रोजगार, उद्योग, एनर्जी पर फोकस, दोनों डिप्टी CM के विभाग का बजट बढ़ा

बजट के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वित्त विभाग के सचिव आनंद किशोर ने कहा कि इस बजट में औद्योगीकरण पर फोकस किया गया है. उद्योग विभाग का बजट पिछली बार के मुकाबले बढ़ा है. पिछले साल विभाग का बजट 1966 करोड़ रुपया था, यह इस बार 3337 करोड़ हो गया है.

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बजट पेश करने जाते बिहार के वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव के साथ अन्य विधायक.
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  • बिहार में वित्तिय वर्ष 2026-27 के लिए मंगलवार को वित्त मंत्री ने 3. 45 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया.
  • ग्रामीण विकास विभाग का बजट बढ़कर 33 हजार 171 करोड़ रुपए हो गया है जो महिला रोजगार पर केंद्रित है.
  • उद्योग विभाग का बजट इस बार बढ़कर तीन हजार तीन सौ सैंतीस करोड़ रुपए हो गया है जो औद्योगीकरण को बढ़ावा देता है.
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पटना:

Bihar budget 2026-27: बिहार विधानसभा में वित्त मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने बजट पेश किया. इस साल का बजट 3 लाख 47 हजार करोड़ का है, यह पिछले बजट के मुकाबले 9.68% अधिक है. चुनावी वादों, सरकार की प्राथमिकताओं का असर इस बार के बजट में दिखाई दे रहा है. सरकार ने इस बजट में महिला सशक्तिकरण, रोजगार, औद्योगीकरण पर फोकस किया है. मुख्यमंत्री महिला रोजगार का असर इस बजट पर दिख रहा है. इस योजना के संचालन का संचालन कर रहे ग्रामीण विकास विभाग के बजट में भारी इजाफा हुआ है. पिछली बार इस विभाग का बजट 16 हजार 93 करोड़ था, जो इस बार बढ़कर 23 हजार 71 करोड़ हो गया है. पिछले बजट में इस विभाग की हिस्सेदारी 5.08% थी जो इस बार बढ़कर 6.82% हो गई है. कैबिनेट ने पिछले दिनों महिलाओं को 2 लाख रुपये दिये जाने को स्वीकृति दी थी. इसका असर बजट पर दिखाई दे रहा है. 

उद्योग, शहरी विकास, शिक्षा, ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ी

बजट के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वित्त विभाग के सचिव आनंद किशोर ने कहा कि इस बजट में औद्योगीकरण पर फोकस किया गया है. उद्योग विभाग का बजट पिछली बार के मुकाबले बढ़ा है. पिछले साल विभाग का बजट 1966 करोड़ रुपया था, यह इस बार 3337 करोड़ हो गया है. पिछले बजट में उद्योग विभाग की हिस्सेदारी 0.62% थी, इस बार यह बढ़कर .96% हो गई है. 

  • 125 यूनिट फ्री बिजली और ऊर्जा के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों का असर बजट पर दिखा है. ऊर्जा क्षेत्र का बजट पिछली बार 13 हजार 484 करोड़ था, इस बार यह बढ़कर 18 हजार 737 करोड़ हो गई है. बजट में हिस्सेदारी 4.26% से बढ़कर 5.39% हो गई है. 
  • शहरी विकास विभाग का बजट पिछले साल 11 हजार 982 करोड़ था, इस बार यह 15 हजार 237 करोड़ हुआ है. बजट में हिस्सेदारी 3.78% से बढ़कर 4.38% हो गई है. 
  • शिक्षा विभाग में एक अलग विभाग बना है. उच्च शिक्षा विभाग और शिक्षा विभाग को जोड़कर कुल बजट 68 हजार 216 करोड़ हो गया है, पिछली बार यह 60 हजार 964 करोड़ था. बजट में हिस्सेदारी 19.24 से बढ़कर 19.63% हो गई है. 

दोनों उपमुख्यमंत्री के विभाग का बजट बढ़ा

सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा के विभाग का बजट बढ़ा है. गृह विभाग का बजट बढ़ा है. पिछले साल विभाग का बजट 17 हजार 831 करोड़ था. इस बार 20 हजार 132 करोड़ पहुंच गया है. इसके अलावा विजय सिन्हा के विभाग भूमि सुधार विभाग का बजट पिछले साल 1955 करोड़ करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 2190 करोड़ हुआ है. पिछले बजट में इसकी हिस्सेदारी 0.62% थी जो अब बढ़कर 0.63% हो गई है. 

चीनी मिल खुलेंगे, गन्ना उद्योग विभाग का बजट बढ़ा

सरकार का फोकस बंद पड़ी चीनी मिलें खोलने पर है. सरकार ने इस बार गन्ना उद्योग विभाग का बजट बढ़ाया है. पिछली बार विभाग का बजट 192.36 करोड़ था जो इस बार बढ़कर 340 करोड़ हो गया है. इसके अलावा पर्यावरण विभाग के बजट में भी इजाफा हुआ है. 

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