बिहार में एक आम की बोली पहुंची 22 हजार... फिर भी परिवार ने नहीं बेचा, जानिए क्या इसकी खासियत 

Bihar: बेतिया की एक छत पर आम का फल लगा है. इस दुर्लभ फल के लिए 22 हजार तक की बोली लगी, लेकिन परिवार ने इसे बेचने से इनकार कर दिया है. (बेतिया से जितेंद्र कुमार की रिपोर्ट)

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Bihar Miyazaki Mango

Bihar News: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में इन दिनों एक अद्भुत और दुर्लभ फल ने सबको हैरत में डाल दिया है. यह कोई साधारण आम नहीं बल्कि जापान का विश्व प्रसिद्ध 'मियाजाकी' आम है, जिसे अपनी विशिष्ट बनावट और चमक के कारण 'एग ऑफ सन' यानी सूरज का अंडा भी कहा जाता है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों की कीमत रखने वाला यह लग्जरी फल अब बेतिया की छत पर खिलकर आकर्षण का केंद्र बन गया है.

आम की बोली पहुंची 22 हजार तक 

बेतिया के एक परिवार ने बड़े जतन से अपनी छत पर मियाजाकी आम का पौधा लगाया था. जब इसमें पहला फल आया तो इसकी सुर्ख लाल रंगत और अनोखी चमक को देखकर लोग दंग रह गए. इस दुर्लभ फल को खरीदने के लिए लोगों में इतनी होड़ मची कि इसकी बोली 20 से 22 हजार रुपए प्रति फल तक पहुंच गई.

हालांकि परिवार ने इसे बेचने से साफ इनकार कर दिया है. घर के मालिक मुनेश कुमार ने बताया कि इस पौधे को परिवार की महिलाओं ने अपने बच्चों की तरह पाला है. इसलिए यह पहला फल वे किसी को बेचेंगे नहीं, बल्कि इसे ठाकुर जी को प्रसाद के रूप में अर्पित करेंगे.

दुर्लभ आम को परिवार ने बेचने से किया इनकार

कृषि विशेषज्ञ बोले- बिहार में है अपार संभावना

कृषि एवं बागवानी विशेषज्ञ रविकांत के अनुसार, मियाजाकी आम अपनी मिठास और विशेष गुणवत्ता के लिए दुनियाभर में मशहूर है. जापान के मियाजाकी शहर से उपजे इस आम की खेती यदि सही तकनीक और देखरेख के साथ की जाए, तो बिहार और विशेषकर चंपारण की मिट्टी इसके लिए बेहद अनुकूल साबित हो सकती है. यह किसानों की तकदीर बदलने वाला एक नया और मुनाफेदार जरिया बन सकता है.

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