Bihar: वार्ड पार्षद के थे दो से अधिक बच्चे, निर्वाचन आयोग ने किया बर्खास्त, FIR भी दर्ज कराने का निर्देश

बेतिया जिले में उस वक्त हड़कंप मच गया जब दो से अधिक संतान होने का तथ्य छिपाने में नगर निगम में वार्ड 24 के नगर पार्षद एनामुल हक को निर्वाचन आयोग ने तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया. (बेतिया से जितेंद्र कुमार गुप्ता की रिपोर्ट)

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वार्ड पार्षद एनामुल हक को बर्खास्त किया गया
Bihar News:

बेतिया जिले के नगर निगम में वार्ड पार्षद पर निर्वाचन आयोग ने एक्शन लिया है. यहां दो से अधिक संतान होने का तथ्य छिपाने में नगर निगम में वार्ड 24 के पार्षद एनामुल हक को निर्वाचन आयोग पदमुक्त कर दिया हैं. इसके अलावा जांच रिपोर्ट सौंपने में देरी करने वाले नगर निगम सहित अन्य अधिकारियों पर दो सप्ताह में कड़ी कार्रवाई करने का डीएम तरनजोत सिंह ने निर्देश दिया हैं. बीते साल दायर वाद की सुनवाई पूरी करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग से पारित सख्त आदेश से जिले में हड़कंप मचा. बता दें कि पदमुक्त नगर पार्षद पर पद के दुरुपयोग और बैठकों में बवाल मचाकर सरकारी विधायी कार्यों व्यवधान का भी का आरोप लगा था. 

बेतिया जिले में उस वक्त हड़कंप मच गया जब दो से अधिक संतान होने का तथ्य छिपाने में नगर निगम में वार्ड 24 के नगर पार्षद एनामुल हक को निर्वाचन आयोग ने तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया. बिहार राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा वाद संख्या 04/2025 (जेबा जबीं बनाम एनामुल हक) की सुनवाई पूरी करते हुए यह सख्त फैसला बुधवार को सुनाया गया है.

वार्ड पार्षद को बर्खास्त कर चुनाव कराने के भी निर्देश

आयोग ने स्पष्ट किया कि एनामुल हक ने 04 अप्रैल 2008 के बाद दो से अधिक जीवित संतान होने के कारण चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य थे. इसके बावजूद उन्होंने वैधानिक बाध्यताओं के विरुद्ध के तथ्यों को छिपाते हुए गलत शपथ पत्र तथा अंतिम संतान का भ्रामक जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर वार्ड संख्या 24, नगर निगम बेतिया से पार्षद पद पर निर्वाचन हासिल किया. राज्य निर्वाचन आयोग ने बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 18(1)(एम) एवं 18(2) के तहत उन्हें अयोग्य घोषित करते हुए तत्काल प्रभाव से पदमुक्त करने का आदेश दिया है. साथ ही वार्ड 24 का पद रिक्त घोषित कर नियमानुसार पुनः निर्वाचन कराने का निर्देश भी जारी किया गया है. 

गलत हलफनामा दायर करने के मामले में अलग से कार्रवाई होगी

इसके अतिरिक्त, आयोग ने जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि एनामुल हक के विरुद्ध गलत हलफनामा दायर करने और तथ्य छिपाने के आरोप में अधिनियम की धारा 447 एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. वहीं आयोग के आदेश के विपरीत मामले में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने में अप्रत्याशित विलंब को गंभीर मानते हुए आयोग ने संबंधित जांच पदाधिकारी से स्पष्टीकरण लेने तथा दो सप्ताह के भीतर मंतव्य सहित प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया है. 

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आयोग के इस सख्त आदेश से बेतिया नगर निगम में हड़कंप मच गया है. यहां यह भी उल्लेखनीय है कि नगर निगम में वार्ड 24 के पदमुक्त नगर पार्षद एनामुल हक पर वादिनि के द्वारा पद के दुरुपयोग और बैठकों में बवेला मचाकर सरकारी विधायी कार्यों व्यवधान का भी आरोप लगाया गया था. जिसका उल्लेख भी राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अपने फैसले करते हुए कृत्य की निंदा की गई है. पूर्व में एनामुल हक और उनके सहयोगी द्वारा नगर आयुक्त के चेंबर में नग्न होकर हंगामा करने का मामला भी सामने आया था.

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