- बिहार के बेतिया में 26 वर्षीय रेहाना खातून की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है
- तलाक के बाद ससुराल पक्ष ने रेहाना पर हलाला करने के लिए देवर के साथ निकाह का दबाव बनाया था
- रेहाना ने हलाला का विरोध किया था, जिसके कारण प्रताड़ना और मौत की आशंका जताई जा रही है
बेतिया (बिहार): तीन तलाक के खिलाफ कड़े कानून बनाए जाने के बावजूद इसका असर होता नहीं दिख रहा है. बिहार के बेतिया से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक 26 वर्षीय विवाहिता, रेहाना खातून, की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि तलाक के बाद रेहाना पर उसके देवर के साथ 'हलाला' करने का दबाव बनाया जा रहा था. मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मनसा टोला (वार्ड नंबर 32) का है.
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के मुताबिक, रेहाना खातून की शादी 2 सितंबर 2019 को मसकुर उर्फ लाडले के साथ हुई थी. दंपति के दो छोटे बच्चे हैं- बेटा रेयान और बेटी आयत. परिजन का आरोप है कि करीब 10 दिन पहले पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद पति ने उसे तलाक दे दिया था.
परिजन
हलाला का विरोध करने पर प्रताड़ना का आरोप
मृतका के मायके वालों का दावा है कि तलाक के बाद ससुराल वाले रेहाना पर फिर से निकाह करने के लिए 'हलाला' की प्रक्रिया अपनाने का दबाव डाल रहे थे. इसके तहत उसे अपने देवर के साथ निकाह करने को कहा गया था, जिसका रेहाना ने कड़ा विरोध किया था. परिजन को आशंका है कि इसी विरोध और प्रताड़ना के कारण रेहाना की संदिग्ध स्थिति में मौत हुई है.
अस्पताल में छोड़कर भागे ससुराल वाले
गुरुवार की सुबह जब रेहाना की स्थिति बिगड़ी या घर में शोर मचा, तो उसे आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. बताया जा रहा है कि मौत की पुष्टि होते ही ससुराल पक्ष के लोग शव को लेकर निकलने की कोशिश करने लगे, लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया. घटना के बाद से ही ससुराल के सभी सदस्य घर छोड़कर फरार हैं.
मायके पक्ष का बयान चौंकाने वाला
मृतका के पिता, मोहम्मद साबिर हसन, जो हरियाणा के फरीदाबाद के रहने वाले हैं. वह इस घटना से पूरी तरह टूट चुके हैं. मुफस्सिल थानाध्यक्ष सम्राट सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया, "पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. फिलहाल मायके पक्ष की ओर से लिखित आवेदन का इंतजार है. आवेदन मिलते ही संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी."














