देश में अब इलेक्ट्रिक गाड़ियों की रेस तेज होने को है. देश की बड़ी कार कंपनी जेएसडब्लू एमजी मोटर इंडिया ने फ्यूचर के लिए अपने गियर बदल दिए हैं. कंपनी ने ऐलान कर दिया है कि वो साल 2026 में भारत में तीन नए एनर्जी व्हीकल्स लॉन्च करने जा रही है. बड़ी बात ये है कि इन तीन गाड़ियों में से एक एमजी की देश में पहली प्लग इन हाइब्रिड कार होगी. इस खबर में जानिए ये प्लग इन हाइब्रिड तकनीक क्या हैं और कंपनी की भारतीय मार्केट को लेकर क्या प्लानिंग है?
क्या होती है प्लग इन हाइब्रिड तकनीक?
प्लग-इन हाइब्रिड कार एक ऐसी कार होती है जिसमें पेट्रोल या डीजल इंजन के साथ इलेक्ट्रिक मोटर यानी बैटरी दोनों लगे होते हैं और इसकी बैटरी को आप बाहर से चार्ज भी कर सकते हैं. यानी ये कार बिजली के साथ ईधन से भी चलती है. यानी जब तक बैटरी कार में होती है तो कार कुछ दूर तक सिर्फ बिजली से चलती है. बैटरी खत्म होने पर इसका खुद ही इंजन चालू हो जाता है.
हाइब्रिड तकनीक पर एमजी का दांव
अब तक एमजी मोटर भारतीय मार्केट में ईवी और जेडएस ईवी जैसी प्योर बैटरी इलेक्ट्रिक कारों को बनाती थी. लेकिन साल 2026 में कंपनी वे अपने प्लान को बदला है. प्लग इन हाइब्रिड मॉडल लाकार एमजी उन ग्राहकों को अपनी तरफ लाना चाहती है, जो पूरी तरह से इलेक्ट्रिक पर शिफ्ट नहीं होना चाहते. या फिर जिन्हें रेंज को लेकर समस्या रहती है. ये मल्टी टेक्नोलॉजी अप्रोच एमजी तो भारतीय मार्केट में अलग-अलग प्राइस सेगमेंट की पहचान दिलाएगा. हालांकि कंपनी ने अभी इन तीनों मॉडल्स के नाम और स्पेसिफिकेशन्स का खुलासा नहीं किया है.
एमजी चार्जर ने बनाया रिकॉर्ड
सिर्फ नई गाड़ियों का ऐलान ही नहीं बल्कि कंपनी इनके इंफ्रा पर जोरदार काम कर रही है. इस मौर्चे पर कंपनी ने एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है. दरअसल एमजी इंडिया देश की पहली ऐसी पैसेंजर व्हीकल निर्माता कंपनी बन गई है, जिसने अपने एमजी चार्जर इनिशिएटिव के जरिए देशभर में 1 हजार कम्युनिटी ईवी चार्जर इंस्टॉल किए हैं. ये चार्जर देशभर में 470 से ज्यादा लोकेशन्स पर चालू हैं, जिसमें बड़े अपार्टमेंट, होटल, पार्क शामिल हैं.
एमजी की ईवी ने 290 करोड़ किलोमीटर का सफर तय किया
कंपनी ने बताया कि आंकड़ों के अनुसार एमजी की ईवी ने अभी तक भारतीय सड़कों पर 290 करोड़ किमी से ज्यादा का सफर तय कर लिया है. इसकी बदौलत कंपनी ने करीब 4.17 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन बचाया है.
एमजी ने अपनी फैक्ट्री को बनाया ग्रीन
एमजी सिर्फ सड़कों पर ही नहीं बल्कि गाड़ियों को बनाते समय पर्यावरण का पूरा ध्यान रखती है. कंपनी का गुजरात वाला हलोल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट अपनी जरूरी की पावर का करबी 95 फीसदी हिस्सा रिन्यूएबल सोर्सेज से पूरा कर लेता है. इस ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग से कंपनी ने 9300 मीट्रिक टन से ज्यादा का कार्बन उत्सर्जन कम करने में सफलता हासिल की है.
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