रेंज रोवर जलकर खाक, बाल-बाल बचे सांसद, कार को आग से बचाने के लिए 5 टिप्स  

ज्‍यादातर लोगों को पता नहीं होता कि कार में आग न लगे, इसके लिए कौन-सी सावधानियां बरती जाए. आग लगने की वजहों के बारे में भी जानकारी नहीं होती. ऐसे में ये खबर बेहद जरूरी है.

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Car Safety Tips: कार में क्‍यों लगती है आग, ऐसा क्‍या करें कि आग लगने की स्थिति न पैदा हो और आग लग जाए तो क्‍या करें?

Car Fire Safety Tips: कार में अचानक आग लग जाना किसी डरावने सपने से कम नहीं है. हाल के दिनों में ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं, जो अक्सर कुछ ही मिनटों में गाड़ी को पूरी तरह खाक कर देती हैं. ऐसी ही एक खबर आई महाराष्‍ट्र से, जहां सिरोही-जालोर (राजस्‍थान) के BJP सांसद लुंबाराम चौधरी हादसे का शिकार होते-होते बचे. ज्योतिर्लिंग त्र्यंबकेश्वर के दर्शन के लिए जाते समय नासिक-मुंबई हाईवे पर गोंडे इलाके में सांसद की रेंज रोवर कार जलकर राख हो गई. संयोग अच्‍छा रहा कि समय रहते कार में सवार सारे लोग सुरक्षित बाहर निकल आए. वाहनों में आग लगना आश्‍चर्यजनक घटना नहीं रह गई है, गाड़ी में आग लगने के पीछे कभी शॉर्ट सर्किट तो कभी दूसरी वजहें होती हैं.

ज्‍यादातर लोगों को पता नहीं होता कि कार में आग न लगे, इसके लिए कौन-सी सावधानियां बरती जाए. आग लगने की वजहों के बारे में भी जानकारी का अभाव रहा है और कई बार आग लगने के बाद लोगों को समझ नहीं आता है कि क्‍या करें. एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि अगर हम थोड़ी जानकारी रखें तो ज्‍यादातर हादसों को टाला जा सकता है.  

सबसे पहले जान लीजिए कार में किन-किन वजहों से आग लगने की संभावना रहती है. 

1). इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट 

गाड़ी में तारों का जाल फैला होता है. समय के साथ वायरिंग पुरानी होकर कट जाती है या कई बार चूहे भी कुतर देते हैं. ऐसे में जब नंगे तार आपस में टकराते हैं, तो स्पार्किंग होती है. अगर आप बिना सोचे-समझे आफ्टर-मार्केट एक्सेसरीज (जैसे भारी म्यूजिक सिस्टम या एक्स्ट्रा लाइट) लगवाते हैं, तो इससे भी बैटरी पर लोड बढ़ता है और आग लगने का खतरा पैदा होता है.

2). फ्यूल लाइन में लीकेज

इंजन के पास पेट्रोल या डीज़ल की पाइपलाइन होती है. अगर पाइप फट जाए या उसका जॉइंट ढीला हो जाए, तो ईंधन सीधे गर्म इंजन पर गिर सकता है. इंजन का तापमान बहुत अधिक होता है, जो ईंधन को तुरंत आग के गोले में बदलने के लिए काफी है.

3). इंजन का ओवरहीट होना

अगर कार का कूलेंट खत्म हो गया है या रेडिएटर फैन काम नहीं कर रहा है, तो इंजन का तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच जाता है. अत्यधिक गर्मी के कारण इंजन के भीतर मौजूद लुब्रिकेंट ऑइल या प्लास्टिक के पुर्जे पिघलकर आग पकड़ सकते हैं.

4). ज्वलनशील पदार्थों का केबिन में होना

गर्मियों में कार का केबिन कई बार गर्म होने लगता है. ऐसे में डैशबोर्ड पर छोड़े गए गैस लाइटर, सैनिटाइजर, परफ्यूम कैन या पावर बैंक 'बम' की तरह फट सकते हैं.

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5). खराब मेंटेनेंस और आफ्टर-मार्केट CNG किट

सस्ते के चक्कर में बाहर से लगवाई गई घटिया क्वालिटी की CNG किट गैस लीकेज का कारण बनती है. एक छोटी सी चिंगारी भी गाड़ी को जलाने के लिए पर्याप्त होती है.

क्‍या सावधानियां बरतें क‍ि कार में आग न लगे, 5 जरूरी टिप्स

1). ऑथोराइज्‍ड सर्विस सेंटर में ही सर्विसिंग 

हमेशा Maruti Suzuki, Tata Motors या Hyundai जैसे अधिकृत सर्विस स्टेशनों से ही अपनी कार की जांच कराएं. वे सर्टिफाइड टूल्स और ऑरिजिनल स्पेयर पार्ट्स का उपयोग करते हैं, जिससे वायरिंग और इंजन की सुरक्षा सुनिश्चित रहती है.

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2). 'देसी जुगाड़' और आफ्टर-मार्केट फिटिंग से तौबा

सस्ती एक्सेसरीज के लिए कार की ओरिजिनल वायरिंग के साथ छेड़छाड़ (Wire cutting) कभी न करें. अगर एक्स्ट्रा फिटिंग करानी ही है, तो सुनिश्चित करें कि वह कार की क्षमता के अनुसार हो और उसमें 'फ्यूज' का इस्तेमाल किया गया हो.

3). दाग और गंध को नजरअंदाज न करें

यदि कार के अंदर या बाहर पेट्रोल/डीजल की गंध आए, तो उसे हल्के में न लें. इसी तरह, अगर पार्किंग वाली जगह पर जमीन पर तेल के निशान दिखें, तो मैकेनिक को बुलाएं. गाड़ी को ऐसी स्थिति में स्टार्ट करना खतरनाक हो सकता है.

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4). फायर एक्सटिंग्विशर रखना अक्‍लमंदी

कार में हमेशा एक छोटा फायर एक्सटिंग्विशर रखें. इसे ड्राइवर की सीट के पास या ऐसी जगह रखें जहां से इसे आसानी से निकाला जा सके. आग लगने के शुरुआती 30 सेकंड में यह आपकी जान और गाड़ी दोनों बचा सकता है.

5). डैशबोर्ड वार्निंग लाइट्स पर नजर रखें

कार का डैशबोर्ड आपको खतरे के संकेत देता है. अगर 'चेक इंजन' लाइट जल रही है या टेम्परेचर सुई लाल निशान की ओर है, तो गाड़ी तुरंत रोक दें. बोनट खोलने में जल्दबाजी न करें, पहले इंजन को ठंडा होने दें.

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इमरजेंसी में इन बातों का ध्‍यान रखें 

  1. सेंट्रल लॉकिंग: आग लगने पर अक्सर कार का इलेक्ट्रिकल सिस्टम फेल हो जाता है और दरवाजे लॉक हो जाते हैं. ऐसी स्थिति के लिए कार में हमेशा एक 'सीटबेल्ट कटर और विंडो ब्रेकर' टूल रखें.
  2. बोनट न खोलें: अगर बोनट के नीचे से धुआं निकल रहा है, तो उसे तुरंत पूरा न खोलें. इससे ऑक्सीजन अंदर जाएगी और आग भड़क सकती है.
  3. आग से दूरी बनाएं:  कार में आग लगने पर कम से कम 100 फीट की दूरी बना लें, क्योंकि फ्यूल टैंक फटने का खतरा रहता है.

ये मोह न करें कि मेरी कार महंगी है, क्‍योंकि जान है तो जहान है. बाकी की दिक्‍कत इंश्‍योरेंस पॉलिसी दूर कर देगी. 

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