गुरू का कुंडली के तीसरे भाव में कैसा होता है प्रभाव, जानिए कुछ खास बातें

इसे केंद्र भाव भी माना जाता है. अगर इस भाव में गुरू अनुकूल स्थिति में हों तो व्यक्ति को जीवन में सारे सुख मिलते हैं. इस भाव में बृहस्पति के प्रभाव से व्यक्ति को अपनी माता से सुख और स्नेह की प्राप्ति होगी.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
इस भाव को घर, जमीन और वाहन का कारक भी माना जाता है.

Astrology: कुंडली के चौथे भाव में बृहस्पति को अच्छा माना जाता है. इस भाव में गुरू के प्रभाव से व्यक्ति को काफी लाभ होता है. आर्थिक रूप से संपन्नता मिलती है. उसे भाग्य का साथ भी मिलता है. व्यक्ति को जीवन में काफी मान-सम्मान मिलता है. चौथे भाव को सुख का स्थान माना जाता है. इस भाव को घर, जमीन और वाहन का कारक भी माना जाता है. ऐसे में इस भाव में गुरू के प्रभाव से व्यक्ति को वाहन सुख मिलता है. वह घर और जमीन का भी मालिक बनता है. कुल मिलाकर कहें तो इस भाव में गुरू के प्रभाव से व्यक्ति राजाओं जैसा जीवन व्यतीत करता है.

गुरू के सकारात्मक प्रभाव

कुंडली के चौथे भाव से कई तरह की जानकारी मिलती है. इस कारण इसे केंद्र भाव भी माना जाता है. अगर इस भाव में गुरू अनुकूल स्थिति में हों, तो व्यक्ति को जीवन में सारे सुख मिलते हैं. इस भाव में बृहस्पति के प्रभाव से व्यक्ति को अपनी माता से सुख और स्नेह की प्राप्ति होगी. ऐसा व्यक्ति माता-पिता की सेवा करने वाला होता है. ये अच्छे और शुभ कार्य करने वाले होते हैं और समाज में भी खूब मान-सम्मान मिलता है.

गुरू के नकारात्मक प्रभाव

इस भाव में नकारात्मक प्रभाव की बात करें तो व्यक्ति को अपने जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. इस भाव में गुरू अगर अशुभ हों तो माता और जीवनसाथी के साथ संबंधों पर विपरीत प्रभाव देखने को मिल सकता है. व्यक्ति की निर्णय क्षमता में भी कमी देखने को मिल सकती है. इस भाव में गुरू के कुछ नकारात्मक प्रभाव जरूर देखने को मिलते हैं, लेकिन इस भाव में बृहस्पति के सकारात्मक प्रभाव ज्यादा होते हैं.

वैवाहिक जीवन पर प्रभाव

इस भाव में गुरू के प्रभाव से व्यक्ति का वैवाहिक जीवन अच्छा रहता है. जीवनसाथी और संतान के साथ भी संबंध बेहतर बने रहते हैं. उसे संतान सुख भी मिलता है. व्यक्ति का पारिवारिक जीवन सुखमय होता है. वे अपने जीवनसाथी के साथ प्रेम संबंधों का आनंद उठाते हैं. इतना ही नहीं वह वृद्धावस्था में भी सुखमय जीवन व्यतीत करता है. हालांकि, कमजोर बृहस्पति का वैवाहिक जीवन पर विपरीत प्रभाव देखने को मिल सकता है.

Advertisement
गुरू का करियर पर प्रभाव

चौथे भाव में गुरू के करियर पर प्रभाव की बात करें तो व्यक्ति की आर्थिक स्थिति तो बेहतर होती है, लेकिन व्यापार करने वाले लोगों को मेहनत करनी पड़ सकती है. उनके व्यापार की गति धीमी हो सकती है. हालांकि, आपको सरकार की ओर से धन की प्राप्ति हो सकती है. ऐसे लोगों के पास पशुधन भी प्रचुर मात्रा में होने के संकेत मिलते हैं. वैसे शेयऱ मार्केट में निवेश के वक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी, क्योंकि, इसमें नुकसान उठाना पड़ सकता है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

Featured Video Of The Day
US Pilot Rescue In Iran: ईरान का दावा – Operation Fail! Donald Trump बोले Mission Successful
Topics mentioned in this article