
Why 2026 Is Special For Astronomy: साल 2026 का आगाज पूरी दुनिया में उत्साह और नई उम्मीदों के साथ हुआ है. ये नया साल जहां तकनीक, विज्ञान और रिसर्च के लिए नई संभावनाएं लेकर आया है, वहीं खगोल विज्ञान के लिहाज से भी ये साल बेहद खास रहने वाला है. आसमान में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने वाले वैज्ञानिक और खगोल प्रेमी इस साल का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे. 2026 में सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण, रिंग ऑफ फायर और सुपर मून जैसी कई दुर्लभ खगोलीय घटनाएं देखने को मिलेंगी. इन घटनाओं के दौरान आसमान में ऐसे नजारे दिखाई देंगे, जो आम दिनों में नजर नहीं आते. यही वजह है कि ये साल स्पेस लवर्स के लिए यादगार बनने वाला है.
कब होगा सूर्य ग्रहण और रिंग ऑफ फायर (Solar Eclipse And Ring Of Fire Dates)
साल 2026 की शुरुआत एक खास खगोलीय घटना से होगी. 17 फरवरी 2026 को वलयाकार सूर्य ग्रहण यानी रिंग ऑफ फायर दिखाई देगा. इस दौरान चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से नहीं ढकेगा, बल्कि सूरज के चारों ओर चमकती हुई अंगूठी जैसी आकृति बनेगी. ये नजारा अंटार्कटिका के कुछ रिसर्च स्टेशनों से ही देखा जा सकेगा. इसके बाद 12 अगस्त 2026 को पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, जो आर्कटिक से शुरू होकर ग्रीनलैंड, आइसलैंड और स्पेन तक नजर आएगा. ये सूर्य ग्रहण करीब 2 मिनट 18 सेकंड तक रहेगा.

Photo Credit: Pexels
2026 के चंद्र ग्रहण और ब्लड मून (Lunar Eclipse And Blood Moon 2026)
साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को होगा. ये पूर्ण चंद्र ग्रहण रहेगा, जिसे ब्लड मून भी कहा जाता है. इस दौरान चंद्रमा लाल रंग का दिखाई देगा. ये नजारा करीब 58 मिनट तक देखा जा सकेगा. ये ग्रहण पश्चिमी उत्तरी अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और पूर्वी एशिया में साफ नजर आएगा. वहीं 28 अगस्त 2026 को साल का आखिरी ग्रहण होगा, जो आंशिक चंद्र ग्रहण रहेगा. इसमें चंद्रमा लगभग 96 प्रतिशत तक पृथ्वी की छाया में रहेगा.
2026 में कब दिखेंगे सुपर मून (Supermoon Dates In 2026)
साल 2026 में कुल तीन सुपर मून देखने को मिलेंगे. पहला सुपर मून जनवरी में दिखाई देगा, जो उल्का पिंडों की बारिश के साथ नजर आ सकता है. दूसरा सुपर मून 24 नवंबर को होगा. तीसरा सुपर मून 23 और 24 दिसंबर की रात में दिखाई देगा. कुल मिलाकर ये साल सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण और सुपर मून जैसी घटनाओं के कारण बेहद खास रहने वाला है.