• होम
  • ज्योतिष
  • Lohri 2026: शादी के बाद मना रहीं हैं पहली लोहड़ी? नई दुल्हनें न करें ये 5 गलतियां, बनी रहेगी सुख-समृद्धि

Lohri 2026: शादी के बाद मना रहीं हैं पहली लोहड़ी? नई दुल्हनें न करें ये 5 गलतियां, बनी रहेगी सुख-समृद्धि

Lohri 2026 Niyam: लोहड़ी का त्योहार नई फसल की खुशी, सर्दियों की विदाई और नई शुरुआत का प्रतीक है. खासतौर पर नई-नवेली दुल्हनों के लिए पहली लोहड़ी बहुत खास मानी जाती है. इस मौके पर कुछ परंपराओं और सावधानियों का पालन करना शुभ माना जाता है.

Written by Updated : January 13, 2026 5:45 AM IST
Lohri 2026: शादी के बाद मना रहीं हैं पहली लोहड़ी? नई दुल्हनें न करें ये 5 गलतियां, बनी रहेगी सुख-समृद्धि
लोहड़ी 2026
FacebookTwitterWhatsAppInstagramLinkedinKoos

Lohri 2026: आज यानी 13 जनवरी को लोहड़ी का पर्व पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है. यह त्योहार जनवरी की ठिठुरती ठंड में गर्माहट लेकर आता है. आग की लपटें, ढोल की थाप, रेवड़ी-मूंगफली की खुशबू और अपनों की हंसी-खुशी इस फेस्टिवल को बेहद खास बना देते हैं. यह सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि नई शुरुआत और खुशियों का जश्न है. खासकर नई-नवेली दुल्हन और जिस घर में किसी बच्चे की पहली लोहड़ी होती है, उनके लिए ये दिन सबसे ज्यादा अहम माना जाता है. हालांकि, इस त्योहार पर नई दुल्हनों को कुछ चीजें नहीं करनी चाहिए, वरना परेशानियां आ सकती हैं. आइए जानते हैं इस बार लोहड़ी नई दुल्हनों को कौन-सी गलतियां नहीं करनी चाहिए.

यह भी पढ़ें: Lohri Upay: लोहड़ी पर कर लें ये 4 आसान उपाय, घर में बनी रहेगी बरकत, दूर होंगी आर्थिक समस्याएं

लोहड़ी कब है? (Lohri 2026 Date)

लोग इस बात को लेकर कंफ्यूजन में हैं कि लोहड़ी 13 या 14 जनवरी किस दिन मनाई जाएगी. पंचांग के अनुसार, इस बार लोहड़ी मंगलवार, 13 जनवरी को मनाई जाएगी. 13 जनवरी को दिन में 3:18 बजे तक भद्रा रहेगी. इसके अगले दिन यानी 14 जनवरी को मकर संक्रांति और सूर्य उत्तरायण होंगे, इसलिए परंपरा के अनुसार लोहड़ी 13 जनवरी की शाम को ही मनाई जाएगी.

लोहड़ी क्यों मनाई जाती है?

लोहड़ी का सीधा जुड़ाव फसल और किसान की मेहनत से है. रबी की फसल पकने की खुशी, सर्दियों को विदाई और नई उम्मीदों के स्वागत के लिए यह पर्व मनाया जाता है. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और हिमाचल में यह त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है.

लोहड़ी की रात क्या खास होता है?

लोहड़ी की रात घर के सभी लोग आग के चारों ओर इकट्ठा होते हैं. आग में रेवड़ी, मूंगफली और पॉपकॉर्न डाले जाते हैं. पारंपरिक गीत, भंगड़ा और गिद्दा होता है. स्वादिष्ट घर का खाना और मिठाइयां खाई जाती हैं. यह सब मिलकर माहौल को यादगार बना देता है.

नई-नवेली दुल्हनों के लिए लोहड़ी क्यों खास है?

शादी के बाद दुल्हन की पहली लोहड़ी को बहुत शुभ माना जाता है. इस दिन दुल्हन को परिवार का प्यार मिलता है, ससुराल में नई पहचान बनती है, आने वाले जीवन के लिए शुभ शुरुआत मानी जाती है. इसी वजह से इस दिन कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है.

नई दुल्हनें लोहड़ी पर ये गलतियां न करें

1. परंपरा के अनुसार लोहड़ी पर काला रंग शुभ नहीं माना जाता. लाल, पीला या हरा रंग पहनें.

2. नई दुल्हन को अपने पति के साथ मिलकर लोहड़ी की पूजा करनी चाहिए. 

3. आग में अर्पण करने के लिए रेवड़ी, मूंगफली या पॉपकॉर्न जरूर लें. यह समृद्धि का संकेत माना जाता है.

4. इस दिन बहस, शिकायत या मनमुटाव जैसी निगेटिव चीजों से बचें. लोहड़ी का मतलब खुशी और अपनापन होता है.

5. बड़ों का आशीर्वाद लेना न भूलें.

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.