केतु का कुंडली के चौथे भाव में कैसा होता है प्रभाव, जानिए कुछ खास बातें

कुंडली का चौथा भाव चंद्रमा का भाव माना जाता है जो केतु का शत्रु माना जाता है. ऐसे में इस भाव में केतु के अशुभ होने के कारण कई दुष्प्रभाव भी देखने को मिलते हैं.

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केतु आपको पैतृक संपत्ति से भी वंचित कर सकता है.

Astrology: कुंडली का चौथा भाव मानसिक शांति के साथ ही घर और परिवार का कारक होता है. जातक सच बोलने वाला और मधुरभाषी होता है. जातक को भाइयों और दोस्तों से सुख तो मिलेगा, लेकिन केतु के प्रभाव से कई तरह की परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता है. काम में लापरवाही के साथ ही उत्साह की कमी भी हो सकती है. ऐसे लोग अक्सर दूसरों की आलोचना करने वाले होते हैं. केतु आपको पैतृक संपत्ति से भी वंचित कर सकता है. अगर आपको पैतृक संपत्ति मिल भी गई तो दोस्तों के चक्कर में फंसकर आप अपनी संपत्ति को नुकसान पहुंचा सकते हैं. हालांकि, केतु के प्रभाव से जातक की ईश्वर में आस्था होती है. कुंडली का चौथा भाव चंद्रमा का भाव माना जाता है जो केतु का शत्रु माना जाता है. ऐसे में इस भाव में केतु के अशुभ होने के कारण कई दुष्प्रभाव भी देखने को मिलते हैं.

केतु के सकारात्मक प्रभाव

चौथे भाव में केतु अगर बेहतर स्थिति में हो तो जातक को अच्छे परिणाम देखने को मिलते हैं. आर्थिक स्थिति भी बेहतर होती है. इस भाव में केतु के प्रभाव से जातक बलवान होता है. ऐसे लोग सच बोलने वाले होते हैं. इन्हें भाइयों और दोस्तों से भी अच्छा सहयोग मिलता है. जातक को जीवन में हर तरह की सुविधा मिलती है और वह बेहतर जीवन जीता है.

केतु के नकारात्मक प्रभाव

चौथे भाव में केतु का स्वास्थ्य पर भी प्रभाव देखने को मिलता है. केतु के प्रभाव से पाचन तंत्र से जुड़ी समस्या हो सकती है. जातक का वजन भी बढ़ सकता है. माता को भी स्वास्थ्य समस्या हो सकती है. दोस्तों से भी परेशानी हो सकती है.

वैवाहिक जीवन पर प्रभाव

केतु का पारिवारिक जीवन पर भी प्रभाव देखने को मिलता है. इस भाव में केतु के प्रभाव से संतान के जन्म के बाद स्वास्थ्य संबंधी कुछ समस्याएं भी हो सकती हैं. जातक को पुत्र संतान की प्राप्ति होती है. केतु के प्रभाव से आपकी लव लाइफ थोड़ी नीरस हो सकती है. जीवनसाथी के साथ दूरियां बढ़ सकती हैं.

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करियर पर प्रभाव

केतु के करियर पर प्रभाव की बात करें तो जातक अपने काम में लापरवाही बरतने वाला हो सकता है. जातक को आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ सकता है. धनोपार्जन के लिए विदेश की भी यात्रा करनी पड़ सकती है. इस कारण जातक को ज्यादातर घर से दूर रहना पड़ सकता है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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