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This Article is From Mar 04, 2024

Falgun Amavasya 2024: पितृ दोष से बचने के लिए अमावस्या पर इस मुहूर्त में करें दान और स्नान

Falgun Amavasya 2024: फाल्गुन माह की अमावस्या को कुछ विशेष उपाय करने से पितरों को प्रसन्न करने के साथ-साथ कालसर्प दोष से मुक्ति मिल सकती है.

Falgun Amavasya 2024: पितृ दोष से बचने के लिए अमावस्या पर इस मुहूर्त में करें दान और स्नान
Amavasya Snan Daan: अमावस्या के दिन स्नान और दान का विशेष महत्व होता है.

Amavasya In March: धार्मिक मान्यताओं के चलते मार्च में पड़ने वाली अमावस्या का विशेष महत्व होता है. इस वर्ष फाल्गुन यानी मार्च माह की अमावस्या 10 मार्च को पड़ रही है. इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की पूजा की जाएगी. फाल्गुन माह की अमावस्या को कुछ विशेष उपाय करने से पितरों को प्रसन्न करने के साथ-साथ कालसर्प दोष से मुक्ति मिल सकती है. आइए जानते हैं फाल्गुन माह की अमावस्या के दिन स्नान-दान का मुहूर्त और कुछ खास उपायों के बारे में.

फाल्गुन अमावस्या मुहूर्त

फाल्गुन अमावस्या की तिथि 9 मार्च को 6 बजकर 17 मिनट से शुरू होगी और 10 मार्च को दोपहर 2 बजकर  29 मिनट तक रहेगी. 10 मार्च को स्नान और दान का मुहूर्त सुबह 5 बजकर 20 मिनट से 6 बजकर 21 मिनट तक है.

फाल्गुन अमावस्या के उपाय

फाल्गुन अमावस्या को विशेष उपायो से पितृ दोष (Pitra Dosh) और कालसर्प दोषों से छुटकारा पाया जा सकता है. पितरों को प्रसन्न करने के लिए फाल्गुन अमावस्या (Falgun Amavasya) को पितृ स्रोत और पितृ कवच का पाठ करना लाभदायक हो सकता है. फाल्गुन अमावस्या के दिन ब्राह्मणों को भोजन कराने से और पितरों को तर्पण करने से पितरों की कृपा बनी रहती है और कालसर्प दोष का प्रभाव कम होता है.

फाल्गुन अमावस्या का महत्व

फाल्गुन अमावस्या के दिन लोग श्रद्धा और भक्ति से देश की पवित्र नदियों में डुबकी लगाने पहुंचते हैं. इस दिन पितरों के तर्पण और दान का विशेष महत्व होता है. मान्यता है कि फाल्गुन अमावस्या को स्नान-दान से मोक्ष की प्राप्ति होती है और सांसारिक कष्टों से छुटकारा मिल जाती है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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