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कनॉट प्लेस में स्थित है चमत्कारी बाल हनुमान मंदिर, गिनीज बुक में दर्ज है अनोखा रिकॉर्ड

दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर महाभारत काल से जुड़ा आस्था का केंद्र है. जहां 1964 से अखंड राम नाम जप गिनीज रिकॉर्ड में दर्ज है.

Edited by Updated : January 10, 2026 7:46 AM IST
कनॉट प्लेस में स्थित है चमत्कारी बाल हनुमान मंदिर, गिनीज बुक में दर्ज है अनोखा रिकॉर्ड
पिछले 33 पीढ़ियों से मंदिर के महंत यहां बाल हनुमान की सेवा करते आ रहे हैं.
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Pracheen Hanuman Mandir: दिल्ली के सबसे व्यस्त और व्यावसायिक क्षेत्र कनॉट प्लेस में स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर (Connaught Place Ka Pracheen Hanuman Mandir) न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि ये भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का भी महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है. महाभारत काल से जुड़ा ये मंदिर बाल हनुमान (Baal Hanuman Mandir Kahan Kahan Hain) को समर्पित है और इसे पांडवों के स्थापित किए पांच मंदिरों में से एक माना जाता है. यहां 1 अगस्त 1964 से लगातार 24 घंटे श्री राम, जय राम, जय जय राम मंत्र का जप हो रहा है. जिसके कारण ये मंदिर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है.

मंदिर का प्राचीन इतिहास (Ancient History of the Temple)

माना जाता है कि इस मंदिर की स्थापना महाभारत काल में पांडवों ने की थी. वर्तमान स्वरूप में ये मंदिर सन 1724 में सामने आया. जब जयपुर रियासत के महाराज सवाई जय सिंह ने इसका जीर्णोद्धार करवाया. मुगल काल के दौरान मंदिर पर कई बार आक्रमण हुए. लेकिन चमत्कारिक रूप से बाल हनुमान की मूर्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा. पिछले 33 पीढ़ियों से मंदिर के महंत यहां बाल हनुमान की सेवा करते आ रहे हैं.

बाल हनुमान का अनोखा स्वरूप (Unique Form of Bal Hanuman)

ये मंदिर देश का प्रमुख ऐसा मंदिर है. जहां हनुमान जी के बाल्यकाल का स्वरूप दर्शाया गया है. यहां बाल हनुमान के एक हाथ में खिलौना है और दूसरा हाथ उनके सीने पर. भक्तों का मानना है कि मोदक और लड्डू चढ़ाने से बाल हनुमान विशेष रूप से प्रसन्न होते हैं और भक्तों के सभी मनोरथ पूर्ण करते हैं.

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सर्वधर्म समभाव की मिसाल (Symbol of Communal Harmony)

ये मंदिर सर्वधर्म समभाव की अनोखी मिसाल भी पेश करता है. कहा जाता है कि मुगल बादशाह अकबर संतान प्राप्ति की कामना लेकर यहां आए थे और बजरंगबली की कृपा से उन्हें पुत्र सलीम की प्राप्ति हुई. यही कारण है कि मंदिर के शिखर पर ओम या कलश के स्थान पर चांद का चिन्ह आज भी विराजमान है.

शिल्पकला और धार्मिक मान्यता (Architecture and Religious Beliefs)

मंदिर का मुख्य द्वार रामायणकालीन शिल्पकला से प्रेरित है. स्तंभों पर सुंदरकांड की चौपाइयां अंकित हैं. मान्यता है कि गोस्वामी तुलसीदास ने यहां दर्शन कर हनुमान चालीसा लिखने की प्रेरणा पाई थी. सात शनिवार तक परिक्रमा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

आज का महत्व और श्रद्धा (Present Significance and Devotion)

कनॉट प्लेस स्थित ये मंदिर गुरुद्वारा बंगला साहिब, मस्जिद और चर्च के पास स्थित होकर सांप्रदायिक एकता का संदेश देता है. मंगलवार और शनिवार को मंदिर 24 घंटे खुला रहता है. दीपावली, हनुमान जयंती, जन्माष्टमी और शिवरात्रि पर विशेष श्रृंगार होता है. रोजाना लाखों भक्त यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जिससे ये मंदिर धार्मिक पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र बन चुका है.