Mercury Retrograde 2025: ज्योतिष में बुध को बुद्धि और ज्ञान का कारक माना जाता है. यही नहीं बुध का वाणी पर भी प्रभाव देखने मिलता है. ऐसे में अगर बुध वक्री चाल चलने लगें, तो इसका खास प्रभाव देखने को तो मिलेगा ही. फिलहाल बुध तुला राशि में गोचर कर रहे हैं और 10 नवंबर को वे तुला राशि में ही वक्री होने वाले हैं. इसके बाद बुध 29 नवंबर को मार्गी हो जाएंगे. वक्री बुध राशि चक्र की सभी 12 राशियों पर अपना प्रभाव डालेंगे, लेकिन कुछ राशियों पर इस ग्रहीय स्थिति का बेहद सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा.
ग्रहों की युति के मुताबिक परिणाम देते हैं बुध
बुध के वक्री गोचर का कर्क, कन्या तुला और धनु राशि वाले जातकों पर खास प्रभाव देखने को मिलेगा. बुध एक महत्वपूर्ण ग्रह माने जाते हैं, जो ग्रहों की युति अनुसार ही परिणाम देते हैं. बुध का जातक की तार्किक शक्ति पर भी प्रभाव देखने को मिलता है. चूंकि बुध वाणी के कारक होते हैं, ऐसे में जातक की तर्क शक्ति बेहतर होती है. बुध मिथुन कन्या राशि के स्वामी हैं. कन्या में बुध उच्च के होते हैं, जबकि मीन बुध की नीच राशि मानी जाती है. चूंकि बुध ग्रहों की युति के मुताबिक ही परिणाम देते हैं, ऐसे में अगर बुध नीच के हों, तो उसके नकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल सकते हैं.
सकारात्मक प्रभाव
- तुला राशि में बुध का वक्री गोचर कुछ राशियों खासकर मेष, मिथुन, कर्क, कन्या, तुला और धनु के लिए अच्छा रहेगा.
- बुध की वक्री चाल के फलस्वरूप आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है.
- एजुकेशन, मीडिया, मार्केटिंग सहित वाणी के प्रभाव वाले कार्यों के साथ ही लेखन आदि में बेहतर प्रभाव देखने को मिलेंगे.
- इस अवधि में संचार क्षमता में बेहतर सुधार देखने को मिल सकता है.
- इस दौरान आपका व्यक्तिगत विकास होगा और भाग्य का भी साथ मिलेगा.

सावधानी
- बुध के वक्री गोचर के दौरान आपको कानूनी मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत है. गलत निर्णय के कारण आपको परेशानी हो सकती है.
- आपको अपनी सामाजिक स्थिति का ध्यान रखने हुए, उसके मुताबिक ही काम करने की जरूरत है. किसी तरह के विवाद से बचने का प्रयास करें.
- इस अवधि में आपको शांत और सतर्क रहने की जरूरत है.
- प्रोफेशनलिज्म पर ध्यान दें और बेकार की बातों से खुद को दूर रखें.
- आपको आध्यात्म की ओर ध्यान देने के साथ ही अपने दीर्घकालिक लक्ष्यों पर फोकस करना चाहिए.
- किसी काम में विलंब भी हो सकता है. इसलिए कोई नया प्रोजेक्ट शुरू करने से बचें.
उपाय
- बुधवार के दिन हरे रंग का वस्त्र धारण करना चाहिए.
- बुधवार के दिन विघ्नहर्ता भगवान श्रीगणेश का पूजन करें.
- बुध यंत्र की स्थापना कर उसकी पूजा करने से भी लाभ होगा.
निष्कर्ष
बुध का वक्री गोचर कई मायनों में लाभकारी हो सकता है. हालांकि, इस दौरान आपको सावधानी बरतने की भी जरूरत होगी. बुध की वक्री चाल कुछ दिनों की होती है, ऐसे में इस समय को अगर आप सावधानीपूर्वक निकाल देंगे, तो आने वाले समय में आप बेहतर तरीके से उभर कर सामने आएंगे.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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